राष्ट्रपति कोविंद के आने के पहले हिजाब नहीं उतारा तो सुरक्षा बलों ने पुदुचेरी यूनिवर्सिटी की छात्रा राबिहा को दिखाया बाहर का रास्ता, दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल लेने से किया इनकार
पुडुचेरी यूनिवर्सिटी में मास कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट की गोल्ड मेडलिस्ट छात्रा को कथित तौर पर दीक्षात समारोह से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद गुस्साई छात्रा ने गोल्ड मेडल को ठुकरा दिया. छात्रा का नाम राबिहा अहदुरहीम बताया जा रहा है. इस दीक्षात समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे थे.
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पुदुचेरी: पुदुचेरी यूनिवर्सिटी (Puducherry University) में मास कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट (Mass Communication) की गोल्ड मेडलिस्ट (Gold Medalist) छात्रा को हिजाब पहनने के कारण कथित तौर पर दीक्षात समारोह से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद गुस्साई छात्रा ने गोल्ड मेडल को लेने से इनकार कर दिया. छात्रा का नाम राबिहा अहदुरहीम (Rabiha Ahdurehim) बताया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, इस दीक्षात समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) पहुंचे थे. राबिहा की मानें तो हिजाब हटाने से मना किए जाने पर सुरक्षा बलों ने उसे समारोह में आने से रोक दिया. राबिहा कहती हैं कि जब वो दूसरे छात्रों के साथ ऑडिटोरियम में बैठी थी तब उसे बाहर आने और फिर हिजाब हटाने के लिए कहा गया. राबिहा ने जब हिजाब हटाने से इनकार कर दिया तो उसे ऑडिटोरियम के बाहर बैठने के लिए कहा गया. उसका कहना है कि जब तक राष्ट्रपति कोविंद ऑडिटोरियम में उपस्थित थे, तब तक उसे अंदर नहीं आने दिया गया.
समारोह से राष्ट्रपति के जाने के बाद विभाग के कर्मचारियों ने छात्रों के बीच बाकी सर्टिफिकेट बांटे, जब राबिहा को गोल्ड मेडल लेने के लिए मंच पर बुलाया गया, तब उसने गोल्ड मेडल लेने से इनकार कर दिया. हिजाब हटाने के लिए कहे जाने से गुस्साई राबिहा ने कहा कि मैंने गोल्ड मेडल को अस्वीकार कर दिया है.
राबिहा ने आगे कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में मैंने यह मेडल लेने से इनकार किया है. सभी हिंदू-मुस्लिम छात्रों और हर भारतीय के साथ मेरी एकजुटता है जो सीएए और एनआरसी के खिलाफ लड़ रहे हैं.
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रबिहा का कहना है कि दीक्षात समारोह के दौरान उसे करीब 20 मिनट तक बाहर रोका गया और राष्ट्रपति के जाने के बाद उसे ऑडिटोरियम के अंदर बुलाया गया. खबरों के अनुसार, राबिहा यूनिवर्सिटी में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रैलियों में एक नियमित भागीदार रही हैं. उन्होंने बीजेपी नेता तरुण विजय की कैंपस यात्रा का भी विरोध किया था. यह भी पढ़ें: CAA को लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने BJP पर साधा निशाना- दिवंगत अमेरिकी नेता मार्टिन लूथर किंग के शब्दों का किया जिक्र
बताया जा रहा है कि जब विश्वविद्यालय के अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ऑडिटोरियम से राबिहा को बाहर निकाले जाने की बात से साफ इनकार कर दिया. दरअसल, साल 2018 बैच के कुछ गोल्ड मेडलिस्ट ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध के तौर पर खुद दीक्षांत समारोह से बहिष्कार करने का फैसला किया था. स्टूडेंट कॉउंसिल ने उस कार्यक्रम का बहिष्कार करने का आग्रह किया था, जिसमें राष्ट्रपति शिरकत कर रहे थे. हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार, जब छात्रों ने अपने सर्टिफिकेट लिए तो उन्होंने विरोध के तौर पर गोल्ड मेडल लेने से इनकार कर दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 23, 2019 08:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

