नारायण साईं को आजीवन कैद की सजा सुनाने वाले जज पीएस गढ़वी का तबादला
बता दें कि सूरत की एक सत्र अदालत ने जेल में बंद स्वयंभू बाबा आसाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार के एक मामले में मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनायी. जेल में बंद आसाराम के बेटे के खिलाफ यह मामला 2013 में एक महिला द्वारा दर्ज कराया गया था जो पहले अनुयायी थी.
गांधीनगर: नारायण साईं को महिला भक्त के साथ रेप के मामले में उम्रकैद की सजा दी गई है. अपर सत्र न्यायाधीश पीएस गढ़वी ने नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. आज तक की खबर के मुताबिक गुजरात में तकरीबन 250 जजों का तबादला किया है, इस लिस्ट में जज पीएस गढ़वी का भी नाम शामिल है. नारायण साईं पर उसके आश्रम में रहने वाली दो बहनों ने बलात्कार का आरोप लगाया था.
बता दें कि सूरत की एक सत्र अदालत ने जेल में बंद स्वयंभू बाबा आसाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार के एक मामले में मंगलवार को उम्रकैद की सजा सुनायी. जेल में बंद आसाराम के बेटे के खिलाफ यह मामला 2013 में एक महिला द्वारा दर्ज कराया गया था जो पहले अनुयायी थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी एस गढवी ने साईं को सजा सुनायी और उसे पीड़ित को पांच लाख रूपए का मुआवजा देने को कहा.
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अदालत ने स्थानीय लाजपोर जेल में 2013 से बंद साईं के तीन सहयोगयों को भी विभिन्न अपराधों का दोषी ठहराया तथा उन्हें 10-10 साल की जेल की सजा सुनायी. तीन में से दो सहयोगी महिलाएं हैं.साईं के ड्राइवर राजकुमार उर्फ रमेश मल्होत्रा को छह महीने की सजा सुनायी गयी है. इससे पहले अदालत ने 26 अप्रैल को साईं को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था. अदालत ने कुल 11 आरोपियों में से छह को बरी कर दिया था.
(The above story first appeared on LatestLY on May 02, 2019 10:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

