​Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शावकों की गूंजी किलकारी, नामीबियाई चीता आशा ने दिया 5 बच्चों को जन्म (Watch Video)
(Photo Credits: X/@DrMohanYadav51)

 Namibian Cheetah Aasha:  भारत के 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों भरा रहा. मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क (KNP) से एक बेहद सुखद खबर सामने आई है. यहाँ नामीबिया से लाई गई मादा चीता 'आशा' ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है. यह पिछले दो वर्षों में दूसरी बार है जब आशा ने शावकों को जन्म दिया है, जो भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है.

मुख्यमंत्री-केंद्रीय मंत्री ने जताई खुशी

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर यह जानकारी साझा करते हुए इसे राज्य और देश के लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने लिखा, "इन शावकों के जन्म के साथ ही भारत में जन्मे शावकों की संख्या 24 हो गई है और चीतों की कुल आबादी 35 तक पहुँच गई है. यह उपलब्धि हमारे वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों के अथक परिश्रम का परिणाम है."  यह भी पढ़े: Namibian Cheetah Aasha: मध्य प्रदेश के कुणो नेशनल पार्क में शावकों की गूंजी किलकारी, नामीबियाई चीता आशा ने दिया 5 बच्चों को जन्म (Watch Video)

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस विकास की सराहना की. उन्होंने इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए "अत्यधिक गर्व और खुशी का क्षण" करार दिया. उन्होंने बताया कि यह भारतीय धरती पर चीतों का आठवां सफल लिटर (शावकों का जन्म) है.

कुणो नेशनल पार्क में शावकों की गूंजी किलकारी

मादा चीता 'आशा' का शानदार सफर

आशा उन आठ चीतों के पहले जत्थे का हिस्सा थी, जिन्हें सितंबर 2022 में नामीबिया से लाया गया था. इससे पहले, 3 जनवरी 2024 को भी आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया था. विशेषज्ञों का मानना है कि आशा का बार-बार शावकों को जन्म देना यह साबित करता है कि यहाँ का वातावरण इन विदेशी मेहमानों के अनुकूल हो चुका है.

कूनो में चीतों का बढ़ता कुनबा

प्रोजेक्ट चीता के तहत अब तक की प्रगति इस प्रकार है:

  • कुल आबादी: 35 चीते (शावकों सहित).

  • भारत में जन्मे शावक: 24.

  • शुरुआती ट्रांसलोकेशन: सितंबर 2022 में नामीबिया से 8 और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे.

जल्द आएगा नया जत्था

यह खुशखबरी ऐसे समय पर आई है जब भारत चीतों के तीसरे जत्थे का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है. आगामी 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 और चीते मध्य प्रदेश पहुँचने वाले हैं.

वन विभाग के अनुसार, वर्तमान में आशा और उसके पाँचों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उन पर लगातार निगरानी रख रही है. वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह खबर एक बड़े उत्साह के रूप में देखी जा रही है.