राष्ट्रपति मुर्मु ने मनाया भारत की उपलब्धियों का जश्न
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया.
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया. उनके भाषण में भारत की उपलब्धियों का जिक्र था, साथ ही भविष्य की योजनाओं और आकांक्षाओं का रोडमैप भी.देशवासियों को दिए अपने संदेश में राष्ट्रपति मुर्मु ने आजादी के बाद से अब तक भारत की विकासयात्रा पर प्रकाश डालते हुए आर्थिक वृद्धि, तकनीकी तरक्की और भविष्य को आकार देने में खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया में एक नई शक्ति के रूप में उभर रहा है. राष्ट्रपति ने कहा, "भारत ने हर क्षेत्र में असाधारण प्रगति की है. हम आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं और हमारे नागरिकों का आत्मविश्वास अभूतपूर्व ऊंचाई पर है."
राष्ट्रपति ने कहा कि अब भारत के वे राज्य और क्षेत्र भी आगे बढ़ रहे हैं जिन्हें कभी कमजोर अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों के रूप में देखा जाता था. उन्होंने कश्मीर घाटी में रेल संपर्क स्थापित करने, जल जीवन मिशन और भारतमाला परियोजना के तहत राजमार्गों के विस्तार जैसी योजनाओं की विशेष रूप से सराहना की. डिजिटल भुगतान और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर में विश्व के अग्रणी देशों में गिने जाने के लिए राष्ट्रपति ने भारत की सराहना की और देश के लगभग सभी गांवों में 4जी इंटरनेट की कनेक्टिविटी पहुंचने पर हर्ष प्रकट किया.
विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है भारत
उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यस्था के रूप में उभरने पर संतोष जताया. बीते वित्त वर्ष में 6.5 फीसदी की जीडीपी वृद्धि दर, मुद्रास्फीति काबू में रखने और निर्यात बढ़ाने को भारतीय अर्थव्यवस्था की सेहत का सही संकेत बताया. अर्थव्यवस्था में मजबूती का श्रेय राष्ट्रपति ने सुधारवादी नीतियों, दूरदर्शी आर्थिक प्रबंधन और देश के सभी किसानों व श्रमिकों की मेहनत को दिया.
उन्होंने कहा, "इस डिजिटल युग में, सूचना प्रौद्योगिकी वह क्षेत्र है जिसमें भारत ने सबसे बड़े बदलाव देखे हैं. लगभग सभी गांवों में 4जी मोबाइल कनेक्टिविटी हो गई है, और बची हुई कुछ हजार जगहों को भी जल्द ही कवर किया जाएगा. इससे डिजिटल भुगतान तकनीकों का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल संभव हुआ है, जिसमें भारत ने बहुत कम समय में वैश्विक नेतृत्व हासिल कर लिया है. साथ ही, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ने यह सुनिश्चित किया है कि कल्याण लाभ सही लोगों तक बिना किसी गड़बड़ी या नुकसान के पहुंचें. दुनिया के कुल डिजिटल लेन-देन का आधे से अधिक हिस्सा भारत में होता है."
ट्रंप को साधने के लिए क्या क्या कर रहे हैं दुनियाभर के नेता
राष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को तकनीकी विकास का अगला चरण बताते हुए इंडिया-एआई मिशन का उल्लेख किया. यह मिशन भारत की जरूरतों के अनुरूप एआई मॉडल बनाने और 2047 तक देश को एक वैश्विक एआई हब बनाने के लक्ष्य से जुड़ा है. इसका मकसद शासन व्यवस्था और नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाना है.
साफ पानी, ट्रांसपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाएं सब तक पहुंचाने का काम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमरुत योजना के तहत शहरों में जल और सीवरेज कनेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जबकि जल जीवन मिशन का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों के हर घर तक नल से जल पहुंचाना है.
उन्होंने कहा कि चूंकि देश तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में सरकार ने शहरों की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दिया है और बीते एक दशक में मेट्रो से जुड़ने वाले शहरों की संख्या कई गुना बढ़ी है.
विकलांग और एसिड अटैक पीड़ित क्यों रहें डिजिटल सेवाओं से दूर?
स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करते हुए राष्ट्रपति ने आयुष्मान भारत योजना को एक क्रांतिकारी कदम बताया. उन्होंने कहा, "हम स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देख रहे हैं. आयुष्मान भारत, जो दुनिया की अपनी तरह की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है, अब तक 55 करोड़ से अधिक लोगों को कवर कर चुकी है. सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब 70 साल और उससे ऊपर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया है, चाहे उनकी आय कुछ भी हो."
राष्ट्रपति ने इस पर संतोष जताया कि जैसे-जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में असमानताएं दूर हो रही हैं, वैसे-वैसे गरीब और निम्न-मध्यम वर्ग के लोग भी बेहतर इलाज का लाभ उठा पा रहे हैं.
शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा से लेकर खेलों में चमका भारत का नाम
भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक की "अंतरिक्ष यात्रा" की सफलता की जमकर सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के आगामी मानवयुक्त अंतरिक्ष कार्यक्रम 'गगनयान' के लिए बहुत मददगार साबित होगी. राष्ट्रपति के शब्दों में, "शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा ने पूरी पीढ़ी को बड़ा सपना देखने के लिए प्रेरित किया है.” एक्जिओम 4 मिशन में भारत, पोलैंड और हंगरी के सदस्य शामिल थे.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खेल के क्षेत्र में भारत की हालिया उपलब्धियों की भी सराहना की और विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय शतरंज महिला विश्व कप में देश की सफलता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, "नए आत्मविश्वास से भरे हमारे युवा, खेलों और खेल प्रतियोगिताओं में अपनी छाप छोड़ रहे हैं. उदाहरण के तौर पर, शतरंज अब भारत के युवा खिलाड़ियों द्वारा अभूतपूर्व रूप से नियंत्रित हो रहा है. हम ऐसे परिवर्तनकारी बदलाव देख रहे हैं, जो राष्ट्रीय खेल नीति 2025 की दृष्टि के तहत भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करेंगे." दिव्या देशमुख ने कोनेरू हम्पी को हराकर शतरंज विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव हासिल किया. वह भारत की चौथी महिला ग्रैंडमास्टर और देश की 88वीं ग्रैंडमास्टर भी बनी हैं.
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की नई शिक्षा नीति को युवाओं के सपनों को पूरा करने का सही कदम बताया. उन्होंने देश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ने और उद्यमिता की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए सरकार द्वारा सबसे अनुकूल वातावरण बनाने का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "हमारे युवाओं ने आखिरकार अपने सपनों को साकार करने के लिए सही माहौल पाया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने शिक्षा को मूल्यों से जोड़ते हुए कौशल और परंपरा के साथ सामंजस्य स्थापित किया है."
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2025 08:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

