124 Year Old Minta Devi Fact Check: संसद परिसर में आज यानी मंगलवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला. कई विपक्षी सांसद एक जैसी प्रिंट वाली शर्ट और टी-शर्ट पहनकर पहुंचे, जिन पर आगे की तरफ ‘मिंता देवी’ की तस्वीर और पीछे ‘124 नॉट आउट’ लिखा था. यह प्रदर्शन बिहार में चल रहे मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ था. विपक्ष का दावा था कि बिहार के वोटर लिस्ट में 124 साल की पहली बार वोट डालने वाली मिंता देवी का नाम दर्ज है, जो चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "ऐसे मामले अनगिनत हैं. अभी तो पिक्चर बाकी है."
क्या मिंता देवी की उम्र 124 साल है?
Minta Devi- born 1900.
Voter in India.
Thanks to the fraud @ECISVEEP .
All the Blue Zone and Longevity experts, please ask her if proxy voting is the secret to a long life. pic.twitter.com/ur1lHWTHMf
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) August 12, 2025
संसद में विपक्ष का जोरदार विरोध प्रदर्शन
Opposition MPs stage a bold protest at Makar Dwar against Vote Chori and demand transparency in the electoral process!
BJP's cowardly dictatorship won't silence us.
✊We'll fight for democracy, the Constitution and people's right to vote!
📍 New Delhi pic.twitter.com/WzjIVyVMpY
— Congress (@INCIndia) August 12, 2025
वोट चोर - गद्दी छोड़ के लगाए गए नारे
वोट चोर - गद्दी छोड़
BJP और चुनाव आयोग मिलकर वोट चोरी कर रहे हैं, जनता के अधिकार छीन रहे हैं।
आज INDIA गठबंधन के सांसदों ने वोट चोरी और SIR के खिलाफ आवाज बुलंद की। वोट चोरी देश के विरुद्ध एक गंभीर अपराध है- इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
📍 दिल्ली pic.twitter.com/uXHCDw4Dkb
— Congress (@INCIndia) August 12, 2025
कांग्रेस ने क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी उन नेताओं में शामिल रहीं जिन्होंने यह टी-शर्ट पहनी. उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे नाम और पते हैं जो पूरी तरह फर्जी हैं और इन्हें वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है.
विपक्षी दल बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ लगातार विरोध जता रहे हैं. उनका आरोप है कि यह ‘वोट चोरी’ की कवायद है, जिससे विधानसभा चुनाव से पहले कई मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा सकता है.
फैक्ट चेक में क्या पता चला?
हालांकि जांच के बाद इस मामले की सच्चाई कुछ और ही निकली. ndtv.com और indiatvnews.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मिंता देवी की उम्र 124 नहीं, बल्कि 35 साल है. वह बिहार के सीवान जिले के दरौंदा विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि उनके आवेदन पत्र में गलती से उम्र गलत दर्ज हो गई, जिससे यह भ्रम पैदा हुआ.
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग का कहना है कि 2004 के बाद SIR समय-समय पर नहीं हुआ, जिसकी वजह से कई अपात्र लोग वोटर कार्ड बनवा पाए. कुछ लोगों ने जानबूझकर या अनजाने में अलग-अलग क्षेत्रों में कई वोटर कार्ड रखे हुए हैं. इसीलिए यह संशोधन जरूरी है.
आयोग के मुताबिक, अभी तक किसी भी पार्टी ने बिहार की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने के लिए औपचारिक आवेदन नहीं दिया है. हालांकि, व्यक्तिगत मतदाताओं से 10,570 फॉर्म अब तक मिल चुके हैं. ड्राफ्ट लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने के लिए दावे और आपत्तियां 1 सितंबर तक दी जा सकती हैं.
बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद
यह पूरा मामला एक तरफ मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल खड़ा करता है, तो दूसरी तरफ दिखाता है कि कैसे एक गलती राजनीतिक विवाद का रूप ले सकती है.













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