UP Election 2022: कृषि कानून रद्द किए लेकिन कम नहीं हुई BJP की मुश्किलें, राकेश टिकैत की रणनीति पड़ेगी भारी?
राकेश टिकैत ने कहा, "हम बीजेपी को हराने के नारे के साथ यूपी के मतदाताओं के पास जाएंगे. बेहतर होगा कि भारत सरकार और पीएम मोदी आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले इस मुद्दे को सुलझा लें."
मोदी सरकार कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लेने का ऐलान कर चुकी है. किसान संगठन लंबे समय से कानून रद्द करने की मांग कर रहे थे. जिसके बाद पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने कानून रद्द करने की घोषणा की. पीएम के ऐलान के बाद किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि किसान आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा. UP Election 2022: चुनावी मैदान में आमने सामने मां-बेटी, अनुप्रिया पटेल BJP के साथ तो कृष्णा पटेल ने अखिलेश से मिलाया हाथ.
राकेश टिकैत ने कहा, केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को रद करने का फैसला किया है, लेकिन इससे समाधान नहीं होगा. किसानों की जो समस्या है, वह वैसी की वैसी है. किसान नेता ने कहा, जब तक केंद्र सरकार किसानों से बातचीत नहीं करेगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून नहीं लाएगी, तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा.
यूपी के वोटर्स को प्रभावित करने की कोशिश
राकेश टिकैत ने कहा, "हम बीजेपी को हराने के नारे के साथ यूपी के मतदाताओं के पास जाएंगे. बेहतर होगा कि भारत सरकार और पीएम मोदी आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले इस मुद्दे को सुलझा लें." टिकैत ने कहा, संयुक्त किसान मोर्चा की रणनीति बीजेपी को हराना है. उन्होंने कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वे गांवों में बीजेपी बहिष्कार का सामना करें.
राकेश टिकैत ने कहा कि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) हमेशा से हमारा मुद्दा रहा है. राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी से किसानों को मदद मिलेगी. उन्होंने कहा, हमने हर दौर की वार्ता में केंद्र के साथ एमएसपी पर चर्चा की. हम इससे पीछे नहीं हटेंगे. सरकार को यह मांग माननी होगी."
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2021 07:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

