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सरकार को जातिवादी बताने के मामले में AAP सांसद संजय सिंह को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी रोकने से किया इनकार

आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से भी राहत नहीं मिली है. दरअसल आप के नेता एवं राज्यसभा (Rajya Sabha) सांसद संजय सिंह ने देश की शीर्ष कोर्ट से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विभिन्न जिलों में उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह सहित अन्य प्राथमिकियों को रद्द करने का अनुरोध किया था और गिरफ्तारी से सुरक्षा देने की गुहार लगाई थी.

सरकार को जातिवादी बताने के मामले में AAP सांसद संजय सिंह को नहीं मिली राहत, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी रोकने से किया इनकार
राज्यसभा सदस्य संजय सिंह (Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से भी राहत नहीं मिली है. दरअसल आप के नेता एवं राज्यसभा (Rajya Sabha) सांसद संजय सिंह ने देश की शीर्ष कोर्ट से उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के विभिन्न जिलों में उनके खिलाफ दर्ज राजद्रोह सहित अन्य प्राथमिकियों को रद्द करने का अनुरोध किया था और गिरफ्तारी से सुरक्षा देने की गुहार लगाई थी. हालांकि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है. अब सुप्रीम कोर्ट में अगले हफ्ते सिंह की याचिका पर सुनवाई होगी. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को मिली जान से मारने की धमकी, केस दर्ज

आप नेता सांसद संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से यूपी में उनके खिलाफ दर्ज केस को रद्द करने का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि ये मामले दुर्भावनापूर्ण तरीके से राजनीतिक बदले की भावना के तहत दर्ज किए गए है. ये मामले सिंह द्वारा पिछले साल अगस्त में की गई एक प्रेसवार्ता के बाद दर्ज किए गए थे. आप नेता का आरोप है कि प्रेसवार्ता के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के थानों में बीजेपी के सदस्यों के इशारे पर उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गईं.

सिंह ने एक अन्य याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 21 जनवरी के उस फैसले को भी चुनौती दी है, जिसमें कोर्ट ने 12 अगस्त 2020 की प्रेसवार्ता के बाद लखनउ में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने से इंकार किया था. सांसद ने कहा कि उन्होंने 12 अगस्त की प्रेसवार्ता में राज्य सरकार पर एक विशेष जाति का पक्ष लेने का आरोप लगाया था.

बता दें कि 12 अगस्त 2020 को सांसद सिंह ने लखनऊ में एक पत्रकार वार्ता में कहा था कि यह सरकार एक जाति विशेष का पक्ष लेती है. उसके बाद उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. विवेचना के बाद पुलिस ने सात सितंबर 2020 को सांसद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया और अभियोजन की स्‍वीकृति भी प्राप्‍त कर ली. इसके बाद एमपी-एमएलए अदालत ने चार दिसंबर, 2020 को आरोप पत्र का संज्ञान लेकर सांसद संजय सिंह को समन जारी कर दिया जिसको उन्‍होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. जहां सरकार को जातिवादी बताने के मामले में आप सांसद संजय सिंह की याचिका खारिज हो गई.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 02, 2021 12:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).