नई दिल्ली: आज सबकी नजरें कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर टिकी हैं. राहुल गांधी आज सुबह 10 बजे दिल्ली के इंदिरा भवन ऑडिटोरियम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, और उम्मीद की जा रही है कि इसमें वो एक बहुत बड़ा खुलासा कर सकते हैं. इस खुलासे को उन्होंने खुद 'हाइड्रोजन बम' का नाम दिया है, जो 'वोट चोरी' के आरोपों से जुड़ा है.
क्या है ये 'हाइड्रोजन बम' का मामला?
कुछ समय पहले, राहुल गांधी ने अपनी 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान एक सनसनीखेज दावा किया था. उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी जल्द ही 'वोट चोरी' को लेकर एक ऐसा खुलासा करेगी जो 'हाइड्रोजन बम' की तरह होगा. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि इस खुलासे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे.
राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया था कि कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर हेराफेरी करके एक लाख से ज्यादा वोट 'चुराए' गए. उन्होंने इस 'वोट चोरी' को लोकतंत्र पर 'परमाणु बम' जैसा हमला बताया था.
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस से क्या उम्मीदें हैं?
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी दी. इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. सभी पार्टियां और आम लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर राहुल गांधी के पिटारे में ऐसा क्या है, जिसे वो 'हाइड्रोजन बम' कह रहे हैं.
माना जा रहा है कि आज राहुल गांधी अपने 'वोट चोरी' के दावों को और मजबूती देने के लिए कुछ नए सबूत या तथ्य पेश कर सकते हैं.
क्यों अहम हैं ये आरोप?
राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' का मुख्य मकसद चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों पर जोर देना रहा है. कांग्रेस पार्टी लगातार 2024 के लोकसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वोटों की गिनती की प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही है.
अब देखना यह है कि राहुल गांधी का यह 'हाइड्रोजन बम' कितना असरदार होता है और क्या यह भारतीय राजनीति में कोई नया भूचाल लेकर आता है. आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी.













QuickLY