PM Modi Video: अब मेरा कोई दोस्त नहीं, तू कहकर बुलाने वाला भी कोई नहीं, पीएम मोदी ने शेयर की दिल की बात
पीएम मोदी ने पहली बार अपने बचपन की यादों और दोस्तों के साथ अपने रिश्ते को लेकर बात की. उन्होंने बताया कि बचपन में घर छोड़ने के बाद वह अपने दोस्तों से संपर्क नहीं रख पाए और अब कोई उन्हें 'तू' कहकर नहीं बुलाता. पीएम मोदी ने अपने जीवन का मंत्र भी साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे कभी बुरे इरादे से कुछ गलत नहीं करेंगे.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार पॉडकास्ट के माध्यम से अपनी भावनाएं साझा कीं. जीरोधा के संस्थापक निखिल कामथ के साथ हुई बातचीत में पीएम मोदी ने अपने बचपन, दोस्तों और जीवन के अनुभवों पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने बताया कि कैसे उनका जीवन बदल गया और आज उन्हें कोई भी अनौपचारिक तरीके से 'तू' कहकर नहीं बुलाता.
बचपन के दोस्तों से संपर्क टूट गया
पीएम मोदी ने बताया कि बचपन में घर छोड़ने के बाद उनके स्कूल के दोस्तों से संपर्क नहीं रह पाया. उन्होंने कहा, "जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना, तो मैंने सोचा कि अपने पुराने दोस्तों को बुलाऊं. करीब 35 दोस्त आए, लेकिन वे मुझे दोस्त की तरह नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के रूप में देख रहे थे. मुझे उनमें दोस्ती की वो गर्मजोशी नहीं दिखी."
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अब कोई 'तू' कहने वाला नहीं
पीएम ने कहा कि उनके जीवन में अब कोई ऐसा नहीं बचा, जो उन्हें 'तू' कहकर संबोधित करे. उन्होंने अपने पुराने शिक्षक रासबिहारी मणियार का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा पत्र लिखते हुए 'तू' बोलते थे. लेकिन उनके निधन के बाद अब यह संबंध भी खत्म हो गया.
जीवन का मंत्र: बुरे इरादे से कुछ नहीं करूंगा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जीवन के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका मंत्र है कि "कभी भी बुरे इरादे से कुछ भी गलत नहीं करना चाहिए." उन्होंने कहा कि मनुष्य से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन यह बुरे इरादों पर आधारित नहीं होनी चाहिए.
राष्ट्र प्रथम की नीति
पीएम ने बताया कि राजनीति में रहते हुए भी वे हमेशा 'राष्ट्र प्रथम' की नीति पर विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा, "मैं भी इंसान हूं, भगवान नहीं, गलतियां मुझसे भी हो सकती हैं. लेकिन मैं अपने लिए कुछ नहीं करूंगा और कड़ी मेहनत से कभी पीछे नहीं हटूंगा."
चुनावी भाषण मजबूरी है
पीएम मोदी ने यह भी स्वीकार किया कि वे अन्य राजनेताओं की तरह नहीं हैं, लेकिन राजनीति में रहते हुए उन्हें मजबूरी में चुनावी भाषण देना पड़ता है.
प्रधानमंत्री मोदी की यह पॉडकास्ट बातचीत उनके व्यक्तित्व के सरल और मानवीय पहलू को सामने लाती है. उनकी बातें न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बावजूद वे अपनी जड़ों को याद करते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2025 01:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

