Nitish Kumar Rajya Sabha MP Oath: नीतीश कुमार आज लेंगे राज्यसभा सांसद की शपथ, बिहार में नए मुख्यमंत्री की सुगबुगाहट तेज
नीतीश कुमार (File Image)

Nitish Kumar Rajya Sabha MP Oath:  बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार आज राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने नए सफर की शुरुआत करेंगे. राज्यसभा सभापति के कक्ष में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही बिहार की सत्ता में एक बड़े बदलाव की नींव पड़ जाएगी. नीतीश कुमार के दिल्ली पहुंचने के साथ ही पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है.

दिल्ली में एनडीए दिग्गजों का जमावड़ा

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, कल ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं. जानकारी के अनुसार, भाजपा के वरिष्ठ नेता आज दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं. इस बैठक का मुख्य एजेंडा नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य में सरकार के स्वरूप और नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा करना है.  यह भी पढ़े:  Nitish Kumar Resigns From legislative Council: बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़, नीतीश कुमार ने विधान परिषद से दिया इस्तीफा, अब दिल्ली में संभालेंगे नई जिम्मेदारी

इस्तीफे और संवैधानिक औपचारिकताएं

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद 30 मार्च को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद, वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 14 अप्रैल के आसपास 'खरमास' समाप्त होते ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार की संभावना

बिहार की राजनीति में यह पहली बार हो सकता है जब भाजपा प्रत्यक्ष रूप से सरकार का नेतृत्व करे. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है. भाजपा नेता नितिन नवीन ने स्पष्ट किया है कि एनडीए के भीतर कोई मतभेद नहीं है और सभी निर्णय एक व्यवस्थित तरीके से लिए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा 'गठबंधन धर्म' का सम्मान करती है.

नीतीश कुमार का लंबा राजनीतिक सफर

नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री हैं. 1985 में विधायक के रूप में अपना सफर शुरू करने वाले नीतीश कुमार अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे. साल 2005 में पहली बार बिहार की कमान संभालने के बाद से उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अमिट छाप छोड़ी है. अब राज्यसभा के जरिए वे एक बार फिर केंद्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाएंगे.

आगे की राह

शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार संसद के आगामी सत्रों में हिस्सा लेंगे. वहीं, बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए एनडीए विधायक दल की बैठक जल्द बुलाई जा सकती है. चर्चा यह भी है कि नए मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है.