नई दिल्ली, 25 मई: भारत के तेजी से बढ़ते क्विक-कॉमर्स (Quick-Commerce) सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था और डेटा प्राइवेसी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ऑनलाइन ग्रॉसरी और इंस्टेंट डिलीवरी ऐप ब्लिंकिट (Blinkit) के एक डिलीवरी पार्टनर पर एक महिला ग्राहक ने फोन पर अवांछित और अश्लील टिप्पणी कर गंभीर यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) करने का आरोप लगाया है. पीड़िता ने इस पूरी घटना का विवरण पेशेवर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट के माध्यम से सार्वजनिक किया. महिला ने बताया कि डिलीवरी पूरी होने के तुरंत बाद एजेंट ने ऐप पर उपलब्ध संपर्क विवरण का दुरुपयोग करते हुए उन्हें सीधे फोन किया और उनकी व्यक्तिगत पसंद पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की. इस घटना के वायरल होने के बाद कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: VIDEO: Zomato के CEO दीपिंदर गोयल का बड़ा खुलासा, अधिग्रहण के बाद ब्लिंकइट के सीईओ अल्बिंदर ढिंडसा से दो बार मांगा गया था इस्तीफा; जानें मुख्य वजह
सेक्सुअल वेलनेस प्रोडक्ट की डिलीवरी के बाद आया आपत्तिजनक फोन
पीड़िता द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उन्होंने ब्लिंकिट ऐप के माध्यम से एक व्यक्तिगत सेक्सुअल वेलनेस आइटम (वाइब्रेटर) का ऑर्डर दिया था. डिलीवरी पार्टनर ने पैकेट सौंपने के बाद ऐप में मौजूद कॉलिंग फीचर या डेटा का गलत इस्तेमाल कर महिला को व्यक्तिगत रूप से फोन मिलाया.
फोन कॉल के दौरान डिलीवरी बॉय ने सीधे तौर पर महिला की प्राइवेसी पर हमला करते हुए बेहद आपत्तिजनक शब्दों में कहा, "जब आप मेरा इस्तेमाल कर सकती हैं, तो वाइब्रेटर क्यों इस्तेमाल कर रही हैं?" इस अश्लील टिप्पणी से स्तब्ध पीड़ित महिला ने गहरी मानसिक चिंता व्यक्त की है. महिला का कहना है कि संबंधित डिलीवरी बॉय के पास अब उनके फोन नंबर के साथ-साथ उनके घर का सटीक पता (Address) भी मौजूद है, जो उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए एक बड़ा और सीधा खतरा बन गया है.
महिला ने Blinkit डिलीवरी पार्टनर पर उत्पीड़न का आरोप लगाया
कंपनी ने दिया 'जीरो टॉलरेंस' का आश्वासन, पीड़िता ने बयां किया सदमा
लिंक्डइन पर पोस्ट के वायरल होने और भारी जन-आक्रोश के बाद ब्लिंकिट के आधिकारिक सपोर्ट हैंडल ने इस मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है. कंपनी ने कहा कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर इस तरह के व्यवहार और सुरक्षा उल्लंघनों के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति का पालन करते हैं. ब्लिंकिट ने पीड़ित ग्राहक को आश्वस्त किया है कि संबंधित डिलीवरी एजेंट के खिलाफ सख्त आंतरिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित की जा रही हैं.
महिला ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, 'मैं पिछले कई वर्षों से ब्लिंकिट की नियमित ग्राहक रही हूं और मेरा अनुभव हमेशा बहुत सहज और सुरक्षित रहा है. यही कारण है कि इस अचानक हुई घटना ने मुझे और अधिक गहरे सदमे (Shock) में डाल दिया है.'
नंबर मास्किंग तकनीक न होने पर क्विक-कॉमर्स ऐप्स की तीखी आलोचना
इस घटना ने देश के गिग इकोनॉमी वर्कर्स (Gig Workers) के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और तकनीकी खामियों को लेकर डिजिटल राइट्स कार्यकर्ताओं और उपभोक्ताओं को लामबंद कर दिया है. तकनीकी विशेषज्ञों ने मौजूदा क्विक-कॉमर्स ऑपरेशंस की बुनियादी खामियों की तीखी आलोचना की है.
विशेषज्ञों का कहना है कि जहां उबर और ओला जैसी बड़ी राइड-हेलिंग सेवाएं ड्राइवरों और यात्रियों के बीच संपर्क स्थापित करने के लिए 'नंबर मास्किंग' (Number-Masking) तकनीक का उपयोग करती हैं (जिससे दोनों पक्षों के मूल नंबर गुप्त रहते हैं), वहीं ब्लिंकिट और अन्य इंस्टेंट ग्रॉसरी ऐप्स अक्सर डिलीवरी की लोकेशन ढूंढने के नाम पर ग्राहकों के सीधे मोबाइल नंबर डिलीवरी बॉयज को एक्सपोज कर देते हैं. इस सुरक्षा चूक के कारण महिलाओं की प्राइवेसी लगातार खतरे में बनी रहती है, जिसे लेकर अब कड़े सरकारी नियमों और प्राइवेसी लॉ की मांग की जा रही है.












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