थूथुकुडी/चेन्नई, 25 मई: तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले की एक विशेष पोक्सो (Protection of Children from Sexual Offences) अदालत ने सोमवार को देश में महिला सुरक्षा और त्वरित न्याय की एक नई मिसाल पेश की है. अदालत ने 17 वर्षीय स्कूली छात्रा (School Student) का अपहरण, यौन उत्पीड़न और हत्या (Kidnapping, Sexual Assault, and Murder) करने के मामले में मुख्य आरोपी 38 वर्षीय धर्म मुनीश्वरन उर्फ 'मावीरन' को दो अलग-अलग मामलों (दुष्कर्म और हत्या) में दोहरी फांसी (Double Death Sentence) की सजा सुनाई है. यह ऐतिहासिक अदालती फैसला विलाथिकुलम क्षेत्र में हुए इस जघन्य अपराध के मात्र 77 दिनों के भीतर और महज 54 दिनों तक चले गहन ट्रायल के बाद सुनाया गया है. यह भी पढ़ें: Lucknow Shocker: ऑपरेशन थिएटर के अंदर छात्रा से दुष्कर्म का आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार, निजी अस्पताल सील
ब्लाइंड केस से 'डबल डेथ सेंटेंस' तक: वैज्ञानिक साक्ष्यों ने खोला राज
10 मार्च को लापता हुई 12वीं कक्षा की इस छात्रा का शव अगले दिन उसके घर के पास एक जंगली इलाके से बरामद हुआ था. शुरुआत में पुलिस के पास न तो कोई चश्मदीद गवाह था और न ही कोई सीधा सुराग, जिसके कारण यह पूरी तरह एक 'ब्लाइंड केस' था. जिला पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए लगभग 150 कर्मियों की 10 विशेष टीमें गठित की थीं.
जांच दल ने अत्याधुनिक 'टावर डंप' तकनीक का उपयोग करके इलाके में सक्रिय 2,574 फोन नंबरों का विश्लेषण किया और 98 अलग-अलग स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. आखिरकार, घटनास्थल के पास स्थापित एक 'विंडमिल' (पवन चक्की) पर लगे सुरक्षा कैमरे से एक संदिग्ध बाइक की आवाजाही का सुराग मिला. जांच में पता चला कि बाइक का नंबर बदला गया था और वह रामनाथपुरम से चोरी की गई थी. इसके बाद, फोरेंसिक टीम ने अपराध स्थल से मिले डीएनए (DNA) नमूनों का आरोपी के ब्लड सैंपल से मिलान कर धर्म मुनीश्वरन की संलिप्तता को अकाट्य रूप से साबित कर दिया. पुलिस ने गिरफ्तारी के 21 दिनों के भीतर कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट दाखिल कर दी थी.
अभियोजन पक्ष का बयान: सामूहिक जिम्मेदारी से मिला त्वरित न्याय
अदालत के इस त्वरित और सख्त फैसले का कानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है. पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल के कारण इस मामले में कोई न्यायिक देरी नहीं हुई.
फैसले के बाद थूथुकुडी में महिला न्यायालय की विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor) एलामल ने कहा, 'हम इतने कम समय में एक निष्पक्ष और कड़ा फैसला हासिल करने में इसलिए सफल रहे क्योंकि इस मामले पर काम करने वाले हर व्यक्ति ने अपनी जिम्मेदारी को गहराई से समझा. हम सभी समाज को यह कड़ा संदेश देना चाहते थे कि भविष्य में किसी भी मासूम के साथ दोबारा ऐसा क्रूर कृत्य न हो.' यह भी पढ़ें: Bengaluru Shocker: बेंगलुरु में शर्मनाक वारदात, मडिवाला में देर रात पार्टी के दौरान केरल की कॉलेज छात्रा से मोमो शॉप में रेप; आरोपी गिरफ्तार
तमिलनाडु में राजनीतिक हलचल और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
यह अदालती फैसला राज्य में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर चल रही उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों के बीच आया है. सोमवार को ही मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने पुलिस महानिदेशक (DGP) और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मुकदमों को फास्ट ट्रैक पर चलाकर जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए.
हाल ही में कोयम्बटूर में एक 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या सहित अन्य हिंसक घटनाओं को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा था, जिसके बाद यह अदालती आदेश राज्य प्रशासन के लिए एक बड़ी कानूनी सफलता माना जा रहा है.
आरोपी का आपराधिक इतिहास: जमानत पर बाहर आकर की दरिंदगी
अदालती दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि धर्म मुनीश्वरन एक आदतन और बेहद शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. साल 2022 में एक बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में भी उसे एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
वह दिसंबर 2025 में ही मद्रास हाई कोर्ट से सशर्त जमानत पर जेल से बाहर आया था. हैरान करने वाली बात यह है कि मार्च में इस स्कूली छात्रा की निर्मम हत्या करने के बाद भी वह पुलिस को चकमा देने के लिए स्थानीय अदालत के रजिस्टर में साप्ताहिक हाजिरी लगाने और हस्ताक्षर करने के नियमों का पूरी तरह पालन कर रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो. हालांकि, वैज्ञानिक साक्ष्यों के आगे उसका यह शातिराना जाल टिक नहीं सका.













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