Nana Patole on Ladki Bahin Yojana: कांग्रेस नेता नाना पटोले ने साधा महाराष्ट्र सरकार पर निशाना, कहा ,'सत्ता में आएं तीनों भाईयों ने की लाखों बहनों के साथ गद्दारी
लाडकी बहिन योजना का लाभ महिलाओं को दिया जा रहा है. लेकिन अब कई महिलाओं को लाडकी बहिन योजना से हटा दिया गया है. जिसके कारण विपक्ष ने राज्य की सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है.
Nana Patole on Ladki Bahin Yojna: लाडकी बहिन योजना का लाभ महिलाओं को दिया जा रहा है. लेकिन अब कई महिलाओं को लाडकी बहिन योजना के लाभ से हटा दिया गया है. जिसके कारण विपक्ष ने राज्य की सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है. कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने इसपर निशाना साधते हुए कहा की ,' लाडकी बहिन योजना जब शुरू की गई थी तब उन्होंने इसपर नियम क्यों नहीं लगाएं. उन्होंने कहा कि अपात्र ठहराते हुए लाखों बहनों के साथ धोखाधड़ी की गई है.मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना के जरिए सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी महायुति ने प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों के साथ धोखाधड़ी की है.
सभी बहनों को वोट के लिए 1,500 रुपये दिए गए और उनके वोट ले लिए गए.अब सत्ता में आने के बाद इन बहनों को दी जाने वाली मदद में कटौती करने का पाप किया जा रहा है. सरकार ने 5 लाख बहनों को अयोग्य घोषित कर दिया है.कुछ और लाख बहनों को भी इसी तरह अयोग्य ठहराए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने हमला बोलते हुए कहा है कि लाभार्थी बहनों को अयोग्य ठहराने की सरकार की कार्रवाई लाडकी बहनों के साथ धोखा है.लाडकी बहिन योजना केवल विधानसभा चुनाव में माता बहनों के वोट पाने के लिए थी. हमने लगातार चेतावनी दी थी की ये योजना केवल चुनाव के लिए है. अब महायुती की सरकार ने अपना असली रंग दिखाया है.ये भी पढ़े:Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana: माझी लाडकी बहीण योजना के तहत लाभार्थियों को कब मिलेगी जनवरी महीने की किस्त, अदिति तटकरे ने बताई तारीख
महायुती सरकार ने बहनों के साथ किया सौतेला व्यवहार
आख़िरकार, महायुति के भाइयों ने अपनी लाडकी बहनों के साथ सौतेला व्यवहार करना शुरू कर दिया है. पहले उन्होंने 1500 रुपये दिये और सत्ता में आने पर 2100 रुपये प्रति माह देने का वादा किया.लेकिन 2100 रुपये देना तो दूर, अब उस योजना के लाभार्थियों पर मापदंड, नियम व शर्तें थोप कर योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है. एकनाथ शिंदे, अजीत पवार और देवेंद्र फड़नवीस ने राज्य की लाखों माताओं और बहनों को धोखा दिया है.योजना को लागू करते समय मानदंड तय किए जाते हैं लेकिन भाजपा सरकार ने वोट पाने के लिए इसे नजरअंदाज कर दिया. नाना पटोले ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब सत्ता मिलने के बाद वे मापदंड थोपकर बहनों को पैसे देना बंद कर रहे है.
फडणवीस चुनाव आयोग की वकालत क्यों करते है?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हुए घोटाले को लेकर चुनाव आयोग से कुछ सवाल पूछे. राज्य की वयस्क जनसंख्या से मतदाताओं की संख्या अधिक कैसे ? बढ़े हुए मतदाताओं की सूची फोटो, नाम-पते सहित दी जाए, साथ ही शाम 5 बजे के बाद 76 लाख वोट कैसे बढ़ गए? ये बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न हैं.
लेकिन चुनाव आयोग इस पर जवाब नहीं दे रहा है. साफ है कि विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध है. इसमें देवेंद्र फड़णवीस और उनके साथियों को मिर्ची क्यों लगी? बीजेपी ने चुनाव आयोग का वकालतनामा लिया है क्या ?चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना उसका कर्तव्य है. नाना पटोले ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग को कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब देना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 08, 2025 06:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

