Nagpur: कर्जमाफी की मांग को लेकर सड़क पर उतरे महाराष्ट्र के किसान, पूर्व विधायक बच्चू कडू की अगुवाई में आंदोलन, नागपुर में सड़क की जाम: VIDEO

अमरावती जिले के पूर्व विधायक बच्चू कडू किसानों की कर्जमाफी की मांग को लेकर आक्रमक हो गए है. नागपुर में उनके आव्हान पर हजारों की तादाद में किसान सड़कों पर उतरे और वर्धा रोड काफी घंटे तक जाम कर दिया.

Farmers' protest in Nagpur (Credit-@lokmat)

Nagpur News: अमरावती (Amravati) जिले के पूर्व विधायक बच्चू कडू (Bacchu Kadu) किसानों की कर्जमाफी की मांग को लेकर आक्रमक हो गए है. नागपुर में उनके आव्हान पर हजारों की तादाद में किसान सड़कों पर उतरे और वर्धा रोड काफी घंटे तक जाम कर दिया. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है की ,' जब तक किसानों की कर्जमाफी नहीं होती, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे. बच्चू कडू के साथ ही कई किसान नेता भी इस आंदोलन से जुटे है. अमरावती जिले में भी कई जगहों पर आंदोलन हुए. इसके बाद साथ रेलवे ट्रैक पर किसान और कार्यकर्ता बैठे हुए है.

नागपुर वर्धा रोड का एक वीडियो सामने आया है. जिसमें देख सकते है की हजारों की तादाद में किसान सड़क पर बैठे है. इस वीडियो (Video) को सोशल मीडिया X पर @lokmat नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Unique protest in Amravati: अमरावती में किसान का अनोखा आंदोलन! सड़क से इलेक्ट्रिक पोल को हटाने के लिए बिजली के पोल के ऊपर ही खाट बांधकर बैठ गया किसान (Watch Video )

नागपुर में किसान आंदोलन 

नागपुर-हैदराबाद हाईवे घंटों रहा जाम

कडू के नेतृत्व में किसानों ने मंगलवार से नागपुर-हैदराबाद हाईवे पर चक्काजाम आंदोलन (Protest) शुरू किया.पूरे विदर्भ और महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से हजारों किसान ट्रैक्टरों और गाड़ियों के साथ नागपुर पहुंचे.बारिश और धूप की परवाह किए बिना किसानों ने सड़क पर डेरा डाल दिया, जिससे हाईवे पर 15 घंटे तक यातायात ठप रहा.

बच्चू कडू का ऐलान

सरकार की चुप्पी से नाराज़ बच्चू कडू ने अब आंदोलन को और उग्र करने की चेतावनी दी है. उन्होंने कहा,'अगर सरकार ने अब भी हमारी मांगों पर कदम नहीं उठाया, तो हम रेल रोको आंदोलन करेंगे.

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल कर्जमाफी की नहीं, बल्कि किसान (Farmers) के सम्मान और भविष्य की है.

क्या है प्रमुख मांगे

सभी किसानों का पूर्ण कर्ज माफ (Loan Waiver) किया जाए.किसानों के लिए बिजली बिल माफी योजना लागू हो.कपास और सोयाबीन को उचित समर्थन मूल्य मिले.कृषि मजदूरों के लिए पेंशन योजना शुरू हो.सरकारी धान व अनाज खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए.किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए विशेष आयोग बनाया जाए.फसल बीमा योजना में सुधार किए जाएं.सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता देकर फंड बढ़ाया जाए.

 

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