देश

Morena Hooch Tragedy: मुरैना शराब कांड में कलेक्टर व SP हटाए गए, एसडीओपी निलंबित; SIT गठित

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. इस हादसे खफा सरकार ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है. वहीं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओ,पी) को निलंबित कर दिया गया है. इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। मुंख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक की.

Morena Hooch Tragedy: मुरैना शराब कांड में कलेक्टर व SP हटाए गए, एसडीओपी निलंबित; SIT गठित
शिवराज सिंह चौहान (Photo Credits-ANI Twitter)

भोपाल, 13 जनवरी. मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. इस हादसे खफा सरकार ने कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया है. वहीं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओ,पी) को निलंबित कर दिया गया है. इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। मुंख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक की. इस बैठक में मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुरैना की घटना अमानवीय और तकलीफ पहुंचाने वाली है. प्रदेश में मिलावट के विरुद्ध अभियान संचालित है, फिर भी यह दुखद घटना हुई.

मुख्यमंत्री चौहान ने इस मामले में मुरैना के कलेक्टर और एस.पी. को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित क्षेत्र के एसडीओपी को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं. आबकारी अधिकारी को पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए. इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो. अन्य जिले भी सजग रहें। ऐसे मामलों में कलेक्टर, एसपी जिम्मेदार माने जाएंगे। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, "ऐसी घटना पर मैं मूकदर्शक नहीं रह सकता। ड्रग माफिया के विरुद्ध सख्त अभियान जारी रहे। पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चले. अवैध शराब बिक्री पर पूरा नियंत्रण हो। ऐसा व्यापार करने वालों को ध्वस्त किया जाए." यह भी पढ़ें-Madhya Pradesh: मुरैना में जहरीली शराब पीने से 10 की मौत, 5 की हालत गंभीर, पुलिस जांच में जुटी

मुख्यमंत्री चौहान ने पुलिस महानिदेशक से घटना की विस्तृत जानकारी ली। मुरैना जिले में हुई घटना में उपयोग में लाई गई मिलावटी शराब के निर्माण केंद्र और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही संबंधित डिस्टलरी की जांच के निर्देश भी दिए गए. मुख्यमंत्री ने आबकारी और पुलिस अमले की पद-स्थापना में निश्चित समयावधि के बाद परिवर्तन करने के साथ निर्देश दिए हैं कि डिस्टलरी के लिए पदस्थ आबकारी अमले और ओआईसी को ओवर टाइम दिए जाने की व्यवस्था में भी परिवर्तन किया जाए.

ज्ञात हो कि सोमवार की रात जिले के दो गांवों में शराब पीने से लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। शराब पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 15 लोग बीमार हैं, जिनका मुरैना के अस्पताल और ग्वालियर के अस्पताल में इलाज जारी है। इस घटना के विरोध में मृतकों के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया और रोष जाहिर किया। इस मामले में आबकारी अधिकारी के अलावा थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिस कर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है.

बैठक में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, वाणिज्यिक कर एवं वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव (गृह) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव (वाणिज्यिक कर) दीपाली रस्तोगी मौजूद थे. वहीं गृह विभाग ने मुरैना जहारीली शराब कांड की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है. इसका अध्यक्ष अपर गृह सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सदस्य अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक ए. साईं मनोहर और उप पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश शुक्ला को बनाया गया है। यह एसआईटी सभी पहलुओं की जांच करेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 13, 2021 07:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).