Mahadev Betting APP Case: महादेव बेटिंग ऐप केस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के ठिकानों पर CBI की छापेमारी, छत्तीसगढ़ की सियासत गरमाई
CBI ने महादेव बेटिंग ऐप केस में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित ठिकानों पर छापा मारा. इससे पहले, ED ने भी 10 मार्च को उनके बेटे समेत अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. कांग्रेस ने इसे राजनीतिक साजिश बताया, जबकि बीजेपी ने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं.
रायपुर, 26 मार्च: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के निवास पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को महादेव बेटिंग ऐप मामले में छापेमारी की. सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित ठिकानों पर की गई.
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भूपेश बघेल आज दिल्ली जाने वाले थे, जहां उन्हें अहमदाबाद (गुजरात) में 8-9 अप्रैल को होने वाली AICC बैठक के लिए 'ड्राफ्टिंग कमेटी' की बैठक में शामिल होना था. लेकिन इससे पहले ही CBI की टीम उनके घर पहुंच गई.
CBI की कार्रवाई पर भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "अब CBI आ गई. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज दिल्ली जाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही CBI ने रायपुर और भिलाई स्थित उनके आवास पर छापा मारा."
ED भी कर चुकी है छापेमारी
इससे पहले 10 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भूपेश बघेल, उनके बेटे चैतन्य बघेल और अन्य के ठिकानों पर छापा मारा था. यह कार्रवाई कथित बहु-करोड़ शराब घोटाले से जुड़ी थी. उस समय बघेल ने X पर पोस्ट कर बताया था कि ED को उनके घर से तीन चीजें मिलीं - एक पेन ड्राइव जिसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ी बातचीत, डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता और मंतुराम से जुड़ी फाइलें, और SAIL कंपनी से संबंधित कुछ दस्तावेज.
बघेल ने आगे कहा था, "हमारे पूरे संयुक्त परिवार के पास कृषि, डेयरी, स्त्रीधन और नकद मिलाकर कुल 33 लाख रुपये हैं, जिसका हिसाब दिया जाएगा. लेकिन मुख्य बात यह है कि ED अब तक कोई ECIR नंबर नहीं दे पाई है."
BJP पर साजिश का आरोप
CBI और ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने इसे बीजेपी की "षड्यंत्र" बताया. उन्होंने कहा, "न तो कोई नोटिस मिला है और न ही किसी पेशी की जरूरत है. यदि कोई नोटिस मिलेगा, तो हम निश्चित रूप से हाजिर होंगे. ED का काम केवल मीडिया हाइप बनाना है. जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है."
2,161 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप
ED का दावा है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों, नेताओं और शराब व्यापारियों के गठजोड़ ने 2,161 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की. आरोप है कि शराब आपूर्ति श्रृंखला में हेरफेर कर सरकार संचालित दुकानों के जरिए यह घोटाला किया गया.
CBI ने और किन पर की छापेमारी?
CBI की टीम ने भूपेश बघेल के अलावा भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की.
BJP पर कांग्रेस का पलटवार
इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता के. सुरेश ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा, "CBI, ED और इनकम टैक्स विभाग का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए किया जा रहा है. यह कोई नई बात नहीं है. पिछले 10 वर्षों में लगभग सभी कांग्रेस नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्रियों पर छापे मारे गए हैं."
CBI की इस कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. कांग्रेस इसे "राजनीतिक बदले" की कार्रवाई बता रही है, जबकि बीजेपी का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है. आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.