मध्य प्रदेश में सियासी संकट: कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस, भोपाल में लगाई गई धारा-144
मध्य प्रदेश में राजनीतिक उथलपुथल के बीच सूबे की राजधानी भोपाल में धारा-144 लागू की गई है. भोपाल जिला प्रशासन ने कई हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है. यह प्रतिबंध 16 मार्च से 13 अप्रैल तक रहेगी.
भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में राजनीतिक उथलपुथल के बीच सूबे की राजधानी भोपाल (Bhopal) में धारा-144 लागू की गई है. भोपाल जिला प्रशासन ने कई हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी है. यह प्रतिबंध 16 मार्च से 13 अप्रैल तक रहेगी. उधर, मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति (NP Prajapati) के एक बयान के बाद सोमवार को होने वाले कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार के बहुमत परीक्षण (फ्लोर टेस्ट) पर असमंजस की स्थित बन गई है.
मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर प्रजापति ने रविवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि फ्लोर टेस्ट को लेकर कल फैसला होगा. उन्होंने कहा कि आज तीसरा दिन है, मैं उन 9 विधायकों का इंतजार कर रहा था जिन्होंने किसी माध्यम से मुझे इस्तीफे पहुंचाए थे. लेकिन सीधे संपर्क किसी ने नहीं किया. मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कल, राज्यपाल ने कमलनाथ सरकार को दिया बहुमत साबित करने का आदेश
Madhya Pradesh Assembly Speaker Narmada Prasad Prajapati on being asked if floor test will be conducted tomorrow at the state assembly: You will get to know about it tomorrow only. I will not tell you about my decision in advance. https://t.co/VlNgs5DCG8
— ANI (@ANI) March 15, 2020
उधर, मध्य प्रदेश कांग्रेस के बागी विधायकों ने वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात करने की मांग की है. बेंगलुरू में मौजूद विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से यह अनुरोध किया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक कांग्रेस के बागी 22 विधायकों ने अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इनमें से छह विधायकों का इस्तीफा विधानसभाध्यक्ष एनपी प्रजापति ने मंजूर कर लिया है.
उल्लेखनीय है कि सूबे में कई दिनों से मचे सियासी घमासान के बीच राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) ने बीती रात एक आदेश जारी कर कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत सरकार को 16 मार्च को विश्वास मत साबित करने के लिए कहा है. राज्यपाल ने इसकी जिम्मेदारी विधानसभा स्पीकर को सौंपी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 15, 2020 05:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

