Lok Sabha Election Result 2019: दोबारा सत्ता में आएगी जीएसटी लागू करने वाली सरकार, एनडीए ने 542 सीटों में से 343 पर बनाई बढ़त

विदेशों में जहां भी वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू की गई वहां प्राय: इसे लागू करने वाली सरकार को हार का मुंह देखना पड़ा, लेकिन इसके उलट भारत में जीएसटी लागू करने वाली सरकार दोबारा सत्ता में आने जा रही है...

जीएसटी (Photo Credit: PTI)

Lok Sabha Election Result 2019:  विदेशों में जहां भी वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू की गई वहां प्राय: इसे लागू करने वाली सरकार को हार का मुंह देखना पड़ा, लेकिन इसके उलट भारत में जीएसटी लागू करने वाली सरकार दोबारा सत्ता में आने जा रही है. इससे साफ है कि नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को प्रमुख आर्थिक सुधार के रूप में स्वीकार किया गया है. चुनाव परिणाम के अद्यतन रुझान में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को लोकसभा की 542 सीटों में से 343 सीटों पर बढ़त दिखाई गई है.

विदेशों की बात करें तो मलेशिया में संघीय सरकार को जीएसटी लागू करने के बाद हार मिली थी. ऐसा ही हाल न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया में जीएसटी लागू करने वाली सरकारों का रहा. दरअसल, इन देशों में कर सुधार कार्यक्रम के बाद वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ गई जिसका लोगों में पैदा हुई नाराजगी का परिणाम सरकारों को भुगतना पड़ा.

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कर कानून के एक जानकार ने बताया, "ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि एक विशाल देश में जीएसटी लागू करने वाली सरकार को लोगों ने दोबारा चुना है." राजनीतिक कारणों से उन्होंने अपना नाम जाहिर करने से मना कर दिया. संरचनागत कर सुधार लाने वाली सरकार को स्पष्ट बहुमत मिलने के कारण गिनाते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने महंगाई पर नियंत्रण बनाए रखा और उद्योग की मांगों पर सक्रियता से काम किया.

एक अन्य जीएसटी मामलों के सलाहकार ने कहा, "कई देशों में जहां जीएसटी लागू की गई वहां सरकारों ने वादा किया कि इसको लेकर पैदा होने वाली समस्याओं का समाधान एक साल के भीतर किया जाएगा, जबकि जीएसटी लागू होने के बाद एक साल के भीतर चुनाव आ गया." उन्होंने कहा, "यहां (भारत) जीएसटी लागू होने और चुनाव होने के बीच दो साल का अंतर है."

मोदी सरकार ने एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया जोकि एक अप्रत्यक्ष करों में एक बड़ा बदलाव था और इसके बाद अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं की लागत घट गई जिससे दुनिया में भारत एक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बन गया है.

सरकार ने नई कर व्यवस्था में दर्जनों बदलाव किए और पिछले दो साल में इसे उद्योग के लिए अनुकूल बनाने के लिए सैकड़ों मदों पर कर की दरों में कटौती की. इसके बाद इसकी प्रक्रिया को और सरल बनाने की दिशा में और परिवर्तन की योजना है. वरसारी एडवाइर्जस इंडिया एलएलपी के मैनेजिंग पार्टनर अमित कुमार सरकार ने कहा, "सरकार आगे सेवा क्षेत्र के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाएगी क्योंकि यह क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी ताकत रही है."

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