लोकसभा चुनाव 2019: तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द, वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ नहीं लड़ पाएंगे चुनाव
तेज बहादुर इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. उन्होंने कहा, 'मेरा नामांकन गलत तरीके से खारिज कर दिया गया है. मुझे कल शाम 6.15 बजे सबूत पेश करने के लिए कहा गया था.
नई दिल्ली. पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ रहे बीएसएफ से बर्खास्त तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) का नामांकन रद्द हो गया है. तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) पर 2 शपथपत्र में जानकारी छुपाने का आरोप है, दरअसल तेज बहादुर यादव ने निर्दलीय और फिर महागठबंधन की तरफ से दो बार नामांकन दाखिल किया. एक नामांकन में उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार के आरोप लगाने की वजह से उन्हें बीएसएफ (BSF) से बर्खास्त किया गया जबकि दूसरे नामांकन में उन्होंने इसकी जानकारी नहीं दी थी. वही तेज बहादुर (Tej Bahadur Yadav) ने कहा कि डीएम के ऊपर दबाव बनाकर नामांकन रद्द कराया गया. प्रमाण पत्र देरी से पहुंचने के कारण आयोग ने ये कदम उठाया है.
तेज बहादुर (Tej Bahadur Yadav) इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) जाएंगे. उन्होंने कहा, 'मेरा नामांकन गलत तरीके से खारिज कर दिया गया है. मुझे कल शाम 6.15 बजे सबूत पेश करने के लिए कहा गया था, हमने सबूत पेश किए, फिर भी मेरा नामांकन खारिज कर दिया गया. हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. यह भी पढ़े-लोकसभा चुनाव 2019: वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ एसपी ने बदला प्रत्याशी, बर्खास्त BSF जवान तेज बहादुर को दिया टिकट
Samajwadi Party MP candidate from Varanasi, Tej Bahadur Yadav: My nomination has been rejected wrongly. I was asked to produce the evidence at 6.15pm yesterday, we produced the evidence, still my nomination was rejected. We will go to the Supreme Court. pic.twitter.com/MF05gNoLJq
— ANI UP (@ANINewsUP) May 1, 2019
बता दें कि इससे पहले चुनाव आयोग (Election Commission) ने उनके नामांकन में गलत जानकारी को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया था. आज सुबह 11 बजे तक उन्हें नोटिस का जवाब देना था. तेज बहादुर (Tej Bahadur Yadav) ने चुनाव आयोग (Election Commission) के नोटिस का जवाब देते हुए बीजेपी पर आरोप लगाया कि पीएम मोदी (PM Modi) के खिलाफ उनकी उम्मीदवारी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि उनके वकील ने चुनाव आयोग (Election Commission) को लिखित जवाब दिया है. अब वे वाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
गौरतलब है कि 9 जनवरी, 2017 को हरियाणा के रेवाड़ी के तेज बहादुर यादव (Tej Bahadur Yadav) ने सेना (Indian Army) में परोसे जा रहे भोजन को सार्वजनिक कर पूरे देश का माहौल गरमा दिया था. यादव ने कुछ वीडियो पोस्ट किए थे, जिनमें सिर्फ हल्दी और नमक वाली दाल और साथ में जली हुई रोटियां दिखाते हुए खाने की गुणवत्ता पर उन्होंने सवाल उठाए थे. वीडियो में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान (Pakistan) से सटी नियंत्रण रेखा समेत कई स्थानों पर इस प्रकार का खाना दिया जाता है और कई बार जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2019 04:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

