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CAA के खिलाफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्रकुमार ने उठाई आवाज, कहा- मुसलमानों को क्यों नहीं किया शामिल?

इन दिनों नागरिकता संशोधन ( Citizenship Amendment Act) और एनआरसी (NRC) को लेकर पूरे देश में घमासान मचा है. एक तरफ जहां उपद्रवियों ने अलग-अलग राज्यों में शांति भंग कर रखा है. वहीं विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर रूप अख्तियार किए हुए है. वहीं बीजेपी कह रही है कि लोगों को गुमराह किया जा रहा है. लेकिन अब पार्टी के भीतर से विरोध की आवाज उठने लगी है. CAA पर सवाल करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते और बीजेपी के नेता चंद्रकुमार बोस ने ट्वीट कर कहा है, ‘अगर CAA एक्ट का किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है तो फिर हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी और जैन का नाम क्यों लिया जा रहा है. मुस्लिम को भी शामिल क्यों नहीं किया? पारदर्शिता होनी चाहिए. भारत किसी एक धर्म का नहीं है. भारत की तुलना किसी एक देश से नहीं की जानी चाहिए.

CAA के खिलाफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्रकुमार ने उठाई आवाज, कहा- मुसलमानों को क्यों नहीं किया शामिल?
बीजेपी के नेता चंद्रकुमार बोस ( फोटो क्रेडिट- Twitter)

कोलकाता:- इन दिनों नागरिकता संशोधन ( Citizenship Amendment Act) और एनआरसी (NRC) को लेकर पूरे देश में घमासान मचा है. एक तरफ जहां उपद्रवियों ने अलग-अलग राज्यों में शांति भंग कर रखा है. वहीं विपक्ष मोदी सरकार पर हमलावर रूप अख्तियार किए हुए है. वहीं बीजेपी कह रही है कि लोगों को गुमराह किया जा रहा है. लेकिन अब पार्टी के भीतर से विरोध की आवाज उठने लगी है. CAA पर सवाल करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते और बीजेपी के नेता चंद्रकुमार बोस ने ट्वीट कर कहा है, ‘अगर CAA एक्ट का किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है तो फिर हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी और जैन का नाम क्यों लिया जा रहा है. मुस्लिम को भी शामिल क्यों नहीं किया? पारदर्शिता होनी चाहिए. भारत किसी एक धर्म का नहीं है. भारत की तुलना किसी एक देश से नहीं की जानी चाहिए.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. वहीं राज्यपाल जगदीप धनखड़ को यादवपुर विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों के एक समूह ने काले झंडे दिखाए। धनखड़ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के तौर पर वहां एक बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे.

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केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष ने भी मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व ने सोमवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ राजघाट के महात्मा गांधी समाधि स्थल के पास सत्याग्रह किया. उनके साथ सैकड़ों पार्टी समर्थक भी विरोध पर बैठे थे. प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा और ए.के.एंटनी शामिल थे.

पीएम मोदी ने कसा था तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध करने को लेकर विपक्ष के पाखंड पर निशाना साधा था. दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जो पहले इस विचार का समर्थन करते थे, वे आज इसका विरोध कर रहे हैं. मुसलमानों के डिटेशन सेंटर में होने के बारे में अफवाहें कांग्रेस और 'शहरी नक्सलियों' द्वारा फैलाई गई झूठी खबरें हैं. यह झूठ है, यह झूठ है, यह झूठ है. सीएए का किसी भारतीय से कोई लेना देना नहीं है. फिर चाहे वो हिंदू हो या मुस्लिम. कांग्रेस इस बात से परेशान और हताश है कि मेरी सरकार का सम्मान सभी प्रमुख मुस्लिम बहुसंख्यक देशों द्वारा किया जा रहा है. इसलिए, वे देश को विभाजित कर रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 24, 2019 11:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).