प्रशांत किशोर का मास्टरस्ट्रोक? नीतीश के मंत्री के खिलाफ मैदान में उतारीं ट्रांसजेंडर उम्मीदवार प्रीति किन्नर
प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' ने बिहार की भोरे सीट से ट्रांसजेंडर उम्मीदवार प्रीति किन्नर को मैदान में उतारा है. प्रीति का मुकाबला सीधे राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से होगा, जिसे राजनीति में एक साहसिक कदम माना जा रहा है. इस सूची में कई अन्य पढ़े-लिखे चेहरे भी शामिल हैं, जो बिहार में एक नए राजनीतिक विकल्प का संकेत दे रहे हैं.
चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर (पीके) ने बिहार की राजनीति में एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है. उनकी नई पार्टी 'जन सुराज' ने गुरुवार को अपने 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, जिसमें एक नाम ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. यह नाम है प्रीति किन्नर, जो एक ट्रांसजेंडर महिला हैं.
सीधा मुकाबला राज्य के शिक्षा मंत्री से
प्रशांत किशोर ने प्रीति किन्नर को गोपालगंज जिले की भोरे विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है. यह फैसला इसलिए भी खास है क्योंकि इस सीट पर प्रीति का मुकाबला किसी आम नेता से नहीं, बल्कि नीतीश कुमार सरकार के मौजूदा शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से होगा. एक हाई-प्रोफाइल मंत्री के खिलाफ एक ट्रांसजेंडर सामाजिक कार्यकर्ता को उतारना प्रशांत किशोर के आत्मविश्वास और उनकी 'नई राजनीति' की सोच को दिखाता है.
कौन हैं प्रीति किन्नर?
प्रीति किन्नर भोरे ब्लॉक के कल्याणपुर गाँव की रहने वाली हैं और लंबे समय से एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम कर रही हैं. उन्हें स्थानीय मुद्दों की गहरी समझ है. जन सुराज पार्टी का मानना है कि प्रीति की यही समझ उन्हें आम आदमी की चिंताओं को विधानसभा तक ले जाने में मदद करेगी.
'जिम्मेदारी जनता की है' - प्रशांत किशोर
इस मौके पर प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि उन्होंने अपना काम कर दिया है. उन्होंने कहा, "हमने लोगों के काम के आधार पर उम्मीदवार चुने हैं. अगर आप ऐसे लोगों को वोट नहीं देते हैं, तो यह बोझ प्रशांत किशोर पर नहीं है. यह बोझ बिहार की जनता के कंधों पर है."
लिस्ट में पढ़े-लिखे चेहरों की भरमार
प्रीति किन्नर के अलावा जन सुराज की लिस्ट में कई बड़े और पढ़े-लिखे नाम शामिल हैं. इनमें पटना यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति और मशहूर गणितज्ञ केसी सिन्हा भी हैं, जिनकी किताबें बिहार के स्कूलों में दशकों से पढ़ाई जाती हैं. इसके अलावा, भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वाईबी गिरी को भी मांझी से टिकट दिया गया है.
ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए राह नहीं आसान
हालांकि, भारत में ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए चुनावी राजनीति की राह कभी आसान नहीं रही है. ज्यादातर मामलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है और कई बार तो वे अपनी जमानत भी नहीं बचा पाते. पिछले लोकसभा चुनाव में उतरे तीनों ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी. ऐसे में प्रीति किन्नर की उम्मीदवारी न केवल एक चुनौती है, बल्कि सामाजिक बदलाव की एक नई उम्मीद भी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 10, 2025 07:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

