धारा 370 पर राहुल गांधी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- जम्मू और कश्मीर को तोड़कर राष्ट्रीय एकता नहीं हो सकती
मोदी सरकार के जम्मू और कश्मीर को लेकर किए गए ऐतिहासिक फैसले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है. धारा 370 निरस्त करने का प्रस्ताव पेश होने के करीब 24 घंटे बाद राहुल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश लोगों से बनता है, जमीन से नहीं.
नई दिल्ली: मोदी सरकार के जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) को लेकर किए गए ऐतिहासिक फैसले पर कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है. राज्यसभा में धारा 370 निरस्त करने का प्रस्ताव पेश होने के करीब 24 घंटे बाद राहुल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश लोगों से बनता है, जमीन से नहीं.
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “जम्मू-कश्मीर को तोड़कर राष्ट्रीय एकता नहीं हो सकती है. चुने हुए प्रतिनिधियों को कैद करके और हमारे संविधान का उल्लंघन कर के राष्ट्रीय एकता को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है. इस देश को यहां के लोगों ने बनाया है न कि जमीन के टुकड़ों द्वारा यह बना है. कार्यकारी शक्ति के दुरुपयोग से राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा.”
यह भी पढ़े- कश्मीर को मिली धारा-370 से मुक्ति, बीजेपी को इन राज्यों में मिल सकता हैं इसका सियासी फायदा
National integration isn’t furthered by unilaterally tearing apart J&K, imprisoning elected representatives and violating our Constitution. This nation is made by its people, not plots of land.
This abuse of executive power has grave implications for our national security.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 6, 2019
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में प्रस्ताव पेश किया था. संसद में इस प्रस्ताव के आने के बाद विपक्ष लगातार विरोध कर रही है, तो वहीं इस प्रस्ताव पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सहित कई धूर विरोधी ने केंद्र सरकार का समर्थन कर सबको चौंका दिया है. कांग्रेस धारा 370 को हटाने वाले प्रस्ताव पर दो भागों में बंट गया है.
अनुच्छेद 370 ने जम्मू एवं कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान किया हुआ था. सरकार के संकल्प के मुताबिक अब जम्मू एवं कश्मीर राज्य न रहकर दो केंद्र शासित प्रदेशों में बंट जाएगा, जिसमें से एक जम्मू एवं कश्मीर और दूसरा लद्दाख होगा. जम्मू एवं कश्मीर में विधानसभा होगी, लेकिन लद्दाख में विधानसभा नहीं होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 06, 2019 01:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

