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चंद्रयान-2 मिशन को ट्रोल करने पर भारतीयों ने पाकिस्तानी ट्विटर यूजर्स को लगाई लताड़

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरने के ठीक कुछ समय पहले लैंडर विक्रम का संपर्क टूट जाने के बाद शनिवार को पाकिस्तानी ट्विटर यूजर्स ने भारत के चंद्रयान-2 मिशन को ट्रोल करना शुरू कर दिया, लेकिन भारतीय यूजर्स ने उन्हें लताड़ लगाते हुए करारा जवाब दिया. सिवन ने कहा कि लैंडर विक्रम योजना अनुरूप उतर रहा था और गंतव्य से 2.1 किलोमीटर पहले तक उसका प्रदर्शन सामान्य था.

चंद्रयान-2 मिशन को ट्रोल करने पर भारतीयों ने पाकिस्तानी ट्विटर यूजर्स को लगाई लताड़
चंद्रयान-2 मिशन (Photo Credits: IANS)

नई दिल्ली : चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर उतरने के ठीक कुछ समय पहले लैंडर विक्रम का संपर्क टूट जाने के बाद शनिवार को पाकिस्तानी ट्विटर यूजर्स ने भारत के चंद्रयान-2 मिशन को ट्रोल करना शुरू कर दिया, लेकिन भारतीय यूजर्स ने उन्हें लताड़ लगाते हुए करारा जवाब दिया. संपर्क टूटने की घोषणा करते हुए, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के.

सिवन ने कहा कि लैंडर विक्रम योजना अनुरूप उतर रहा था और गंतव्य से 2.1 किलोमीटर पहले तक उसका प्रदर्शन सामान्य था. उसके बाद लैंडर का संपर्क केंद्र से टूट गया. ट्रोल पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय ट्विटर यूजर्स ने पाकिस्तानियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उप-महाद्वीप के लिए इस मिशन के महत्व को समझने में असमर्थ हैं.

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एक यूजर ने ट्वीट किया, "पाकिस्तान यह समझने में नाकाम है कि चंद्रयान की लागत उसकी अर्थव्यवस्था से ज्यादा है, भारत और 100 चंद्रयान लॉन्च कर सकता है और धूर्त देश के मुकाबले बेहतर स्थिति में बना रह सकता है. एक अन्य ने लिखा, "भारत विफल नहीं हुआ .. हमने सिर्फ मून लैंडर के साथ संपर्क खो दिया. हैशटैग चंद्रयान2"

एक अन्य यूजर ने कहा, "नासा भी विफल हुआ थी, लेकिन असफलता सफलता की दिशा की ओर बढ़ने का एक रास्ता है. भारत सफल होने के लिए तैयार होने के लिए असफल हुआ है. हम सिर्फ एक असफलता के चलते इसरो को जज नहीं करना चाहिए."

एक यूजर ने लिखा, "प्रिय पाकिस्तानियों, यह हमारी असफलता नहीं है. हमारी पहली सफलता यह है कि हमने एक ऐसी जगह पर पहुंचने की कोशिश की, जहां कोई भी पहुंच नहीं सका था. हम उस जीत को नहीं गंवा पाए, जो पूरी तरह से हमारी जीत से थोड़ी दूर है. दूसरों की आलोचना करने से पहले अपनी स्थिति के बारे में सोचें."

इस बीच, 2,379 किलोग्राम का चंद्रयान -2 ऑर्बिटर ने चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाना जारी रखा है. इस मिशन की अवधि एक वर्ष है.

एक ट्विटर यूजर ने कहा, "शुरुआती पहल के तौर पर भारत विफल नहीं हुआ है. हम मंगल ग्रह पर पहुंच गए हैं. हम चंद्रमा पर एक ऐसे स्थान पर लगभग पहुंच गए जहां कोई नहीं पहुंचा है. हम अंतरिक्ष अनुसंधान में आश्चर्यजनक प्रगति कर रहे हैं." एक यूजर ने लिखा, "कम से कम लोगों को आत्मघाती हमलावर बनने के लिए प्रोत्साहित करने के बजाय विज्ञान को अपनाने, आगे बढ़ाने के लिए सिखाया जाता है."

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 07, 2019 01:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).