Monsoon Session 2025: संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने वाला है और उससे ठीक पहले दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सभी पार्टियों के नेताओं के साथ एक बड़ी मीटिंग कर रहे हैं. इस तरह की मीटिंग को 'सर्वदलीय बैठक' कहते हैं, जिसमें सरकार और विपक्ष, दोनों के नेता शामिल होते हैं.
इस मीटिंग का मकसद क्या है?
इस बैठक का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जब संसद का सत्र चले, तो वह शांति से और बिना किसी बड़े हंगामे के चले. सरकार इस सत्र में कुछ नए कानून लाना चाहती है और वह चाहती है कि इन पर सभी पार्टियों के बीच एक आम सहमति बन जाए, ताकि जरूरी काम न रुकें.
कौन-कौन शामिल हुआ?
इस बैठक की अध्यक्षता बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा कर रहे हैं. इसमें विपक्ष की तरफ से भी कई बड़े चेहरे शामिल हुए हैं, जैसे कांग्रेस के जयराम रमेश और गौरव गोगोई, एनसीपी की सुप्रिया सुले, डीएमके के टीआर बालू और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह. इनके अलावा भी कई छोटी-बड़ी पार्टियों के नेता इस बातचीत का हिस्सा बने हैं.
All Party meeting ahead of monsoon session of Parliament begins at Parliament House Annexe.#MonsoonSession pic.twitter.com/A5lkRvmBT2
— All India Radio News (@airnewsalerts) July 20, 2025
सरकार का क्या प्लान है?
केंद्र सरकार इस मॉनसून सत्र में 8 नए बिल (कानून का प्रस्ताव) पेश करने की योजना बना रही है. ये बिल अलग-अलग मुद्दों से जुड़े हैं, जैसे:
- खेलों के बेहतर प्रबंधन के लिए बिल.
- खिलाड़ियों के डोपिंग को रोकने के लिए नया कानून.
- देश की भूवैज्ञानिक विरासत (जैसे पुरानी चट्टानें और जीवाश्म) को बचाने के लिए बिल.
- IIM जैसे संस्थानों में बदलाव के लिए बिल.
- मणिपुर जीएसटी में संशोधन.
- टैक्स से जुड़े कानूनों में बदलाव.
- व्यापार को आसान बनाने के लिए 'जनविश्वास बिल' में संशोधन.
- खदान और खनिज से जुड़े कानूनों में बदलाव.
विपक्ष भी है तैयार
एक तरफ जहां सरकार बैठक कर सहमति बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी INDIA गठबंधन ने भी अपनी रणनीति बना ली है. उन्होंने भी एक मीटिंग करके 8 ऐसे मुद्दे तय किए हैं, जिन पर वे संसद में सरकार से सवाल-जवाब करेंगे.
हालांकि, एक दिलचस्प बात यह है कि अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) अब INDIA गठबंधन की बैठकों में शामिल नहीं हो रही है. पार्टी का कहना है कि उनका गठबंधन सिर्फ 2024 के लोकसभा चुनाव तक ही था.
माना जा रहा है कि विपक्ष बिहार में वोटर लिस्ट, 'ऑपरेशन सिंदूर' और अहमदाबाद विमान हादसे जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है.
कुल मिलाकर, एक तरफ सरकार अपने बिल पास कराना चाहती है और दूसरी तरफ विपक्ष अपने मुद्दों के साथ तैयार है. यह सर्वदलीय बैठक इसी खींचतान के बीच एक रास्ता निकालने की कोशिश है. अब देखना यह होगा कि जब सत्र शुरू होगा तो देश के जरूरी मुद्दों पर चर्चा होती है या फिर हंगामा.













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