नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के अलग-अलग केंद्रशासित राज्य बनने के बाद दोनों राज्यों में पहली बार उपराज्यपाल की तैनाती का फरमान शुक्रवार की देर शाम जारी हो गया. अभी तक बतौर राज्यपाल यहां का काम देख रहे सत्यपाल मलिक को गोवा का राज्यपाल बनाया गया है.
राष्ट्रपति कार्यालय की सूचना के मुताबिक, गिरीश चंद्र मुर्मू को जम्मू-कश्मीर का तो राधाकृष्ण माथुर को लद्दाख का पहला उपराज्यपाल (एलजी) बनाया गया है. आइए जानते हैं कौन हैं गिरीश मुर्मू और राधाकृष्ण माथुर.
मोदी के साथ गुजरात में काम कर चुके मुर्मू.
जम्मू-कश्मीर के पहले उपराज्यपाल बनने वाले गिरीश चंद्र मुर्मू 1985 बैच के गुजरात काडर के आईएएस अफसर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद अफसरों में माने जाते हैं. गुजरात में मोदी के मुख्यमंत्री रहने के दौरान वह उनके प्रमुख सचिव रह चुके हैं. एक मार्च 2019 से वह वित्त मंत्रालय में व्यय सचिव की जिम्मेदारी देख रहे हैं. 21 नवंबर 1959 को जन्मे मुर्मू ने ओडिशा के उत्कल विश्ववविद्यालय से राजनीति विज्ञान में मास्टर्स की पढ़ाई करने के साथ बमिर्ंघम यूनिवर्सिटी से एमबीए की भी डिग्री ली है. व्यय सचिव होने से पहले वह रेवेन्यू डिपार्टमेंट में स्पेशल सेक्रेटरी थे. यह भी पढ़े-जम्मू कश्मीर के नए उप राज्यपाल बने गिरीश चंद्र मुर्मू , सत्यपाल मलिक का गोवा ट्रांसफर
आइआइटियन रहे हैं आरके माथुर.
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के पहले उपराज्यपाल राधाकृष्ण माथुर 1977 बैच के रिटायर्ड आईएएस अफसर हैं. त्रिपुरा काडर के राधाकृष्ण माथुर नवंबर 2018 तक देश के मुख्य सूचना आयुक्त रहे. इससे पूर्व 25 मई 2013 से दो साल तक वह रक्षा सचिव रहे। त्रिपुरा में तैनाती के दौरान वह राज्य के मुख्य सचिव भी रहे.
वह सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय में सचिव भी रह चुके हैं। खास बात है कि आईएएस बनने से पहले माथुर ने, आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और आईआईटी दिल्ली से इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग में मास्टर्स की पढ़ाई की है. उनके पास एमबीए की भी डिग्री है.













QuickLY