Farmers Protest: केंद्र के साथ आठवें दौर की बातचीत से पहले किसानों की तरफ से दबाब बनाने की कवायद शुरू, किसान नेता बोले-कानून रद्द नहीं हुआ तो संघर्ष तेज होगा
कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. मोदी सरकार और किसानों के बीच आठवें दौर की बातचीत चार जनवरी को होने जा रही है. केंद्र ने किसानों की दो मांगे मान ली है. वहीं बैठक से पहले किसानों की तरफ से केंद्र पर दबाब बनानें की कवायद शुरू हो गई है. किसान नेता सुखविंदर सिंह सभरा ने कहा कि कानून रद्द नहीं हुआ तो संघर्ष तेज होगा.
नई दिल्ली, 1 जनवरी 2021. कृषि कानूनों (Farm Bills 2020) को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) लगातार जारी है. मोदी सरकार (Modi Govt) और किसानों के बीच आठवें दौर की बातचीत चार जनवरी को होने जा रही है. केंद्र ने किसानों की दो मांगे मान ली है. वहीं बैठक से पहले किसानों की तरफ से केंद्र पर दबाब बनानें की कवायद शुरू हो गई है. किसान नेता सुखविंदर सिंह सभरा ने कहा कि कानून रद्द नहीं हुआ तो संघर्ष तेज होगा.
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 37वें दिन भी जारी है. किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के सुखविंदर सिंह सभरा ने बताया कि तीन कृषि कानून रद्द होने चाहिए, अगर 4 जनवरी को इसका कोई हल नहीं निकलता तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज होगा. किसानों के प्रदर्शन के चलते चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर को बंद किया गया है. इन दोनों ही रास्तों से दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद की तरफ लोग आवागमन करते हैं. लोगों को डीएनडी से जाने की सलाह दी गई है. यह भी पढ़ें-Farmers Protest: अशोक गहलोत का केंद्र पर निशाना, कहा- बड़े दुख की बात है कि किसान नए साल का स्वागत कड़कड़ाती ठंड में, सड़कों पर अपने घर से दूर करेंगे
ANI का ट्वीट-
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन आज 37वें दिन भी जारी है। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के सुखविंदर सिंह सभरा ने बताया, "तीन कृषि कानून रद्द होने चाहिए, अगर 4 जनवरी को इसका कोई हल नहीं निकलता तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज़ होगा।" #farmersrprotest pic.twitter.com/6Zk2zWbcBH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 1, 2021
गौर हो कि कृषि बिल के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन का आज 37वां दिन है. ऐसे में नए साल में किसानों को उम्मीद है कि मामला जल्द सुलझेगा. वैसे सातवें दौर की बातचीत में केंद्र ने चार में से दो मांगे किसानों की मानी है. यही कारण है कि किसानों और केंद्र के नेताओं की तरफ से बैठक के बाद उस दिन सकारात्मक बयानबाजी की गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 01, 2021 11:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

