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Facebook Row: फेसबुक को संसदीय स्थायी समिति से पहले समन भेजने की तैयारी में कांग्रेस नेता शशि थरूर

सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर बीजेपी के विधायक की कथित पोस्ट मामले को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है. कांग्रेस लगातार इस मसले पर हमलावर है. फेसबुक पर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसने बीजेपी नेता के पोस्ट पर एक्शन नहीं लिया. क्योंकि फेसबुक को डर था कि इससे उसके भारतीय कारोबार पर असर पड़ेगा. दरअसल यह पूरा मामला अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ है.

Facebook Row: फेसबुक को संसदीय स्थायी समिति से पहले समन भेजने की तैयारी में कांग्रेस नेता शशि थरूर
शशि थरूर (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली, 18 अगस्त. सोशल मीडिया साइट फेसबुक (Facebook Row) पर बीजेपी के विधायक की कथित पोस्ट मामले को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है. कांग्रेस लगातार इस मसले पर हमलावर है. फेसबुक पर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उसने बीजेपी नेता के पोस्ट पर एक्शन नहीं लिया. क्योंकि फेसबुक को डर था कि इससे उसके भारतीय कारोबार पर असर पड़ेगा. दरअसल यह पूरा मामला अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ है. इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी मामलों की संसदीय स्थायी समिति फेसबुक द्वारा भड़काऊ भाषण को लेकर बनाए गए नियमों पर चर्चा कर सकती है. इसी बीच खबर है कि इस समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता उससे पहले फेसबुक को समन भेजने की तैयारी में है.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार संसदीय स्थायी समिति की अगली बैठक 1-2 सितंबर को हो सकती है. जिसमें नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक/ ऑनलाइन समाचार मीडिया प्लेटफार्मों के दुरुपयोग की रोकथाम को लेकर चर्चा होने वाली है. यह भी पढ़ें-Facebook Ignored Hate Speech by BJP: WSJ की रिपोर्ट के बाद भारत में फेसबुक के नियमों पर राजनीतिक बहस शुरू, असदुद्दीन ओवैसी, दिग्विजय सिंह, शशि थरूर ने कही ये बात

उल्लेखनीय है कि अब विवाद कांग्रेस नेता थरूर के बयान पर हो रहा है. सूचना प्रौद्योगिकी मामलों की संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्षता करने वाले कांग्रेस नेता ने पुरे मसले को लेकर सोशल मीडिया साइट फेसबुक से जवाब मांग लिया था. वहीं शशि थरूर के बयान का टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने समर्थन किया है.

गौर हो कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि भारत में फेसबुक और वॉट्सऐप पर बीजेपी और आरएसएस का कब्जा है. इसके जरिये ये फेक न्यूज और नफरत फैलाते हैं और चुनाव को प्रभावित करने में भी इसका उपयोग करते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2020 10:11 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).