अर्थव्यवस्था को लेकर मनमोहन सिंह का केंद्र पर बड़ा हमला, कहा- मोदी सरकार 'मंदी' शब्द को स्वीकार नहीं करती है
अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर मोदी सरकार को सवालों के घेरे में लते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि मौजूदा सरकार "मंदी" शब्द को स्वीकार ही नहीं करती और वास्तविक खतरा यह है कि यदि समस्याओं की पहचान नहीं की गयी तो सुधारात्मक कार्रवाई के लिए विश्वसनीय हल का पता लगाए जाने की संभावना नहीं है.
नई दिल्ली. देश की अर्थव्यवस्था (Economy) को लेकर केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) लगातार विपक्ष के निशाने पर बनी हुई है. कांग्रेस इस मसले को लेकर सरकार पर हमलवार है. कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) गिरती इकॉनमी को लेकर सवाल पूछते रहे हैं. ये दोनों समय-समय पर ट्वीट या फिर बयान के जरिए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़े करते रहते हैं. इसी बीच अर्थव्यवस्था को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former PM Manmohan Singh) ने मोदी सरकार पर हमला बोला है. पूर्व प्रधानमंत्री ने बुधवार को कहा कि मौजूदा सरकार "मंदी" शब्द को स्वीकार ही नहीं करती और वास्तविक खतरा यह है कि यदि समस्याओं की पहचान नहीं की गयी तो सुधारात्मक कार्रवाई के लिए विश्वसनीय हल का पता लगाए जाने की संभावना नहीं है.
बता दें कि मोंटेक सिंह अहलूवालिया की पुस्तक "बैकस्टेज" के लोकार्पण के मौके पर मनमोहन सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए सरकार को घेरते हुए कहा कि योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने संप्रग सरकार के अच्छे बिंदुओं के साथ ही उसकी कमजोरियों के बारे में भी लिखा है.
पूर्व प्रधानमंत्री यही नहीं रूके उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि इन मुद्दों पर बहस होगी और इस पर चर्चा होनी चाहिए क्योंकि आज ऐसी सरकार है जो मंदी जैसे किसी शब्द को स्वीकार नहीं करती है. मुझे लगता है कि यह हमारे देश के लिए अच्छा नहीं है. यह भी पढ़े-सुस्त अर्थव्यवस्था के बीच भारत की बचत दर 15 साल के निचले स्तर पर पहुंची
ANI का ट्वीट-
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह: हमारे पास एक ऐसी सरकार है जो स्वीकार ही नहीं करती कि "मंदी" जैसा कोई शब्द भी होता है। यदि आप समस्याओं का सामना नहीं कर सकते, तो आपको सुधार के लिए विश्वसनीय जवाब मिलने की संभावना न के बराबर हो जाएगी। pic.twitter.com/ihuJgxkUhP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 19, 2020
उन्होंने कहा कि यदि आप उन समस्याओं की पहचान नहीं करते जिनका सामना आप कर रहे हैं, तो आपको सुधारात्मक कार्रवाई के लिए विश्वसनीय हल मिलने की संभावना नहीं है. यह असली खतरा है. सिंह ने कहा कि यह पुस्तक देश के विकास के लिए बहुत मददगार होगी.
(भाषा इनपुट के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 19, 2020 09:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

