ब्रिटेन की लेबर पार्टी में ब्रेक्जिट पर फिर छिड़ी बहस, पीएम स्टार्मर का पद खतरे में

ब्रिटेन की सत्ताधारी लेबर पार्टी में नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ब्रिटेन की सत्ताधारी लेबर पार्टी में नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. पार्टी के कई नेता प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर की नीतियों और चुनावी रणनीति पर सवाल उठा रहे हैं.ब्रिटेन की लेबर सरकार इन दिनों आंतरिक राजनीतिक तनाव का सामना कर रही है. प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है. पूर्व मंत्री वेस स्ट्रीटिंग और ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम, दोनों ही स्टार्मर के नेतृत्व को चुनौती देने की तैयारी में हैं. इस खींचतान के बीच स्ट्रीटिंग ने ब्रेक्जिट जैसे संवेदनशील मुद्दे को फिर से उठाया है. उन्होंने कहा कि भविष्य में ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (ईयू) में दोबारा शामिल होने की संभावना हो सकती है.

हाल ही में स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा. पार्टी के दर्जनों सांसदों ने किएर स्टार्मर से इस्तीफा देने की अपील की जिससे यह संभावना बढ़ गई है कि पार्टी अपने सिर्फ दो साल के शासन के भीतर ही प्रधानमंत्री बदल सकती है. वेस स्ट्रीटिंग ने पिछले हफ्ते स्वास्थ्य मंत्री के पद से इस्तीफा देते हुए बताया कि उन्हें स्टार्मर के प्रशासन पर भरोसा नहीं रहा. रविवार को एक सम्मलेन में स्ट्रीटिंग ने कहा, "हमें यूरोपीय संघ के साथ नए विशेष संबंध की जरूरत है. ब्रिटेन का भविष्य यूरोप के साथ है और एक दिन वह फिर से यूरोपीय संघ में लौट सकता है. मैं अपने काम पर केंद्रित हूं जिसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हम यूरोपीय संघ के और करीब आएं.” ब्रेक्जिट के बारे में बात करते हुए उन्होंने आगे कहा, "मैं इस बहस में नहीं उलझना चाहता कि कई साल बाद क्या होगा."

दक्षिणपंथी से मुकाबला

ब्रिटेन का ईयू के साथ रिश्ता लंबे समय से एक विवादित मुद्दा रहा है. करीब 10 साल पहले जनमत संग्रह (रेफरेंडम) में बहुत कम अंतर से लोगों ने यूरोपीय संघ छोड़ने के पक्ष में वोट दिया था. साल 2020 में ब्रिटेन ने आखिरकार खुद को ईयू से अलग कर लिया. तब से बहुत कम प्रमुख नेताओं ने इसपर खुलकर बात की है. उस समय की राजनीतिक अस्थिरता और मतभेदों को लोग अभी भी याद करते हैं. इस महीने लेबर पार्टी के खराब चुनावी प्रदर्शन के बाद पैदा हुए राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया.

एंडी बर्नहैम भी मेकरफील्ड उपचुनाव लड़ने की रेस में हैं. इससे उन्हें स्टार्मर की जगह लेने की दौड़ में शामिल होने का मौका मिल सकेगा. इसके लिए उन्हें यहां प्रो-ब्रेक्जिट और आप्रवासन विरोधी पार्टी 'रिफॉर्म यूके' को हराना होगा. रिफॉर्म यूके के नेता और ब्रेक्जिट के प्रमुख चेहरों में शामिल नाइजेल फराज ने मतदाताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे लेबर पार्टी को वोट देते हैं, तो पार्टी ब्रिटेन को फिर से यूरोपीय संघ के करीब ले जाएगी.

इस बहस के कारण एंडी बर्नहैम को वेस स्ट्रीटिंग के विचारों से खुद को अलग दिखाने के लिए बयान देना पड़ा. बर्नहैम ने कहा कि ईयू में वापसी भविष्य में संभव है. लेकिन अगर वह मेकरफील्ड उपचुनाव में लेबर पार्टी के उम्मीदवार बनते हैं, तो वे ब्रेक्जिट को मुद्दा बनाकर प्रचार नहीं करेंगे. उन्होंने सोमवार को दिए अपने भाषण में साफ किया, "मेरी राय है कि ब्रेक्जिट नुकसानदायक रहा है, लेकिन मैं मानता हूं कि अभी इसपर बात करने का सही समय नहीं आया है." वहीं स्टार्मर ने कहा कि उपचुनाव के लिए चुने गए लेबर पार्टी के किसी भी उम्मीदवार का वह पूरा समर्थन करेंगे.

उपचुनाव को बाधित करने का प्रयास

द टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बर्नहैम के समर्थकों का मानना है कि वेस स्ट्रीटिंग द्वारा ब्रेक्जिट पर दिया गया बयान पार्टी के अभियान को कमजोर या भटकाने की कोशिश है. साल 2016 में मेकरफील्ड के अधिकतर लोगों ने ब्रेक्जिट के पक्ष में वोट दिया था. उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय संघ में दोबारा शामिल होने पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्काई न्यूज से कहा कि वेस स्ट्रीटिंग अब सरकार का हिस्सा नहीं हैं इसलिए वह अपनी व्यक्तिगत राय दे सकते हैं. यह सरकार का आधिकारिक रुख नहीं है.

मुख्य विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने कहा कि लेबर पार्टी के अंदर चल रहा यह विवाद दिखाता है कि सत्तारूढ़ पार्टी के पास देश के लिए कोई साफ योजना नहीं है. अभी तक वेस स्ट्रीटिंग और एंडी बर्नहैम ने लेबर पार्टी के नेतृत्व के लिए आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की है. इसके लिए कम से कम 81 लेबर सांसदों का समर्थन जरूरी होगा. वहीं चार जूनियर मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है और कई सांसदों ने स्टार्मर के पद छोड़ने की मांग उठाई है.

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