नागरिकता संशोधन बिल 2019: सचिन पायलट बोले-आजाद भारत में पहली बार धर्म के आधार पर नागरिकता तय की जा रही है
नागरिकता संशोधन बिल 2019 लोकसभा से सोमवार देर रात पास हो गया. इसके पक्ष में 311 वोट और विपक्ष में 80 वोट पड़े है. इस बिल का विपक्षी पार्टियां लगातार विरोध कर रही हैं. कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आजाद भारत में पहली बार धर्म के आधार पर नागरिकता तय करने का मामला सामने आया है.
नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन बिल 2019 (Citizenship Amendment Bill) लोकसभा से सोमवार देर रात पास हो गया. इसके पक्ष में 311 वोट और विपक्ष में 80 वोट पड़े है. इस बिल का विपक्षी पार्टियां लगातार विरोध कर रही हैं. कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर हैं. पूर्वोत्तर में इसका तगड़ा विरोध देखने मिल रहा है. असम और त्रिपुरा में प्रदर्शन उग्र है. जिसके चलते केंद्र सरकार ने वहां आर्मी भेजी है. इसी बीच राजस्थान के डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Rajasthan Deputy Chief Minister and Congress leader Sachin Pilot) ने इस बिल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. सचिन पायलट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आजाद भारत में पहली बार धर्म के आधार पर नागरिकता तय करने का मामला सामने आया है.
सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि नागरिकता संशोधन बिल न्यायिक जांच पास करेगा. इसके साथ ही यह बहुमत बनाम नैतिकता है. इसके साथ ही कांग्रेस के राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह नागरिकता संशोधन बिल 2019 संविधान की मूल भावना पर हमला है. यह लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है. यह बिल विभाजनकारी है. इस वजह से मैं इसका विरोध करता हूं. यह भी पढ़े-नागरिकता संशोधन बिल 2019 राज्यसभा में पेश, अमित शाह ने कहा- देश के मुसलमानों के लिए चिंता की कोई बात नहीं
Sachin Pilot, Deputy Chief Minister of Rajasthan on #CitizenshipAmendmentBill2019: For the first time in independent India, issue of deciding citizenship on basis of religion has come up. I don't think the bill will pass the judicial scrutiny. This is majority versus morality. https://t.co/qEHRHDA17b pic.twitter.com/cSe5I5cg5p
— ANI (@ANI) December 11, 2019
ज्ञात हो कि इससे पहले बुधवार को अमित शाह ने राज्यसभा में धार्मिक आधार पर शरणार्थियों को नागरिकता देने से संबंधित नागरिकता संशोधन बिल 2019 को पेश किया. इसके बाद गृहमंत्री ने कहा कि मैं सदन के सामने ऐतिहासिक विधेयक लेकर उपस्थित हुआ हूं. इस बिल का प्रावधान यातना का जीवन जी रहे लाखों-करोड़ों लोगों के लिए आशा की किरण है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 11, 2019 04:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

