मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद साधना सिंह ने मांगी माफी, कहा- अपमान करना नहीं गेस्ट हाउस कांड में मदद याद दिलाना था मकसद

साधना सिंह की ओर से जारी किए गए माफीनामे में उन्होंने लिखा कि मेरा मकसद किसी को अपमान करने का नहीं था. मैं बस 2 जून, 1995 को गेस्ट हाउस कांड के दौरान मायावती की बीजेपी नेताओं द्वारा की गई मदद को याद दिलाना चाहती थी.

साधना सिंह (Photo Credit-Facebook)

बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती (Mayawati) पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद विवाद बढ़ता देख बीजेपी की महिला विधायक साधना सिंह (Sadhana Singh) ने माफी मांगी है. साधना सिंह की ओर से जारी किए गए माफीनामे में उन्होंने लिखा कि मेरा मकसद किसी को अपमान करने का नहीं था. मैं बस 2 जून, 1995 को गेस्ट हाउस कांड के दौरान मायावती की बीजेपी नेताओं द्वारा की गई मदद को याद दिलाना चाहती थी. बीजेपी विधायक साधना सिंह ने कहा कि मेरी मंशा एक दम किसी को अपमानित नहीं करने की थी. अगर किसी को मेरी बातों से कष्ट पहुंचा है तो मैं खेद प्रकट करती हूं.

बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए साधना सिंह को नोटिस भेजने की बात कही थी. बता दें कि चंदौली के मुगलसराय से विधायक साधना सिंह ने गेस्ट हाउस कांड की बात करते हुए कहा कि जिस महिला के साथ ऐसी घटना हो जाती है, वह कलंकित मानी जाती है. साधना सिंह ने चंदौली की एक सभा में कहा- मायावती न महिला हैं न पुरुष. वे किन्नर से भी बदतर हैं. उन्होंने लखनऊ के गेस्ट हाउस में हुआ उनका चीरहरण भूलकर एसपी से गठबंधन किया है. यह भी पढ़ें- मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर बढ़ी BJP विधायक साधना सिंह की मुश्किलें, NCW भेजेगा नोटिस

क्या है पूरा मामला

चंदौली जनपद के बबुरी थाना के परनपुरा गांव में किसान कुंभ अभियान कार्यक्रम में बीजेपी विधायक साधना सिंह ने मायावती पर अमर्यादित टिप्पणी की थी. साधना सिंह ने कहा था, ‘‘जिस दिन महिला का चीरहरण होता है, उसका ब्लाउज फट जाए, पेटीकोट फट जाए, साड़ी फट जाए, वो महिला सत्ता के लिए आगे आती है तो वो कलंकित है. उसे महिला कहने में भी संकोच लगता है. एक चीरहरण हुआ था द्रौपदी का, तो उन्होंने दुशासन से बदला लेने की प्रतिज्ञा ली. वो एक स्वाभिमानी महिला थी. और एक आज की महिला है, सबकुछ लुट गया और फिर भी कुर्सी पाने के लिए अपने सारे सम्मान को बेच दिया. ऐसी महिला मायावती जी का हम इस कार्यक्रम के माध्यम से तिरस्कार करते हैं. जो नारी जात पर कलंक है.''

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