आंध्र प्रदेश की जगनमोहन रेड्डी सरकार का बड़ा फैसला: आशा कार्यकर्ताओं को दिया तोहफा, तीन गुना से अधिक सैलरी बढ़ाई
मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने मेडिकल और हेल्थ विभाग में काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी में बढ़ोतरी कर दी है. सीएम रेड्डी ने आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी है जो कि अभी 3000 रुपये है. इस तरह आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी में सीधा 7000 रुपये का इजाफा हो गया है.
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (Jaganmohan Reddy) ने सत्ता में आते ही बड़ा फैसला लिया है. सत्ता संभालने के मात्र 5 दिनों की भीतर ही वाईएसआर कांग्रेस प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी ने मेडिकल और हेल्थ विभाग में काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी में बढ़ोतरी कर दी है. उन्होंने आशाकर्मियों के वेतन को 3 गुना बढ़ाने का फैसला किया है.
सीएम रेड्डी ने आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दी है जो कि अभी 3000 रुपये है. इस तरह आशा कार्यकर्ताओं की सैलरी में सीधा 7000 रुपये का इजाफा हो गया है. बीती 30 मई को जगनमोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने 46 साल के जगन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
Amaravati: Andhra Pradesh Chief Minister YS Jaganmohan Reddy has increased the salaries of Asha workers in medical & health department from existing Rs 3,000 to Rs 10,000. (File pic) pic.twitter.com/Mg4l61Aldj
— ANI (@ANI) June 3, 2019
जगन की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने हाल में हुए 175 सदस्यीय विधानसभा के चुनावों में 151 सीटें जीती हैं. वाईएसआर कांग्रेस ने पांच साल पहले तेलंगाना के गठन के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने एन चन्द्रबाबू नायडू की टीडीपी को बुरी तरह हराया है.
बता दें कि रेड्डी ने अपने कार्यालय में पहले दिन वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने का आदेश दिया था. शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद ही रेड्डी ने वृद्धावस्था पेंशन को 1 हजार से बढ़ाकर तीन हजार रुपये प्रतिमाह करने की फाइल पर हस्ताक्षर किए थे. रेड्डी की पार्टी ने चुनाव के दौरान यह वादा किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2019 05:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

