नेता बनते ही एक्शन में 'थलपति' विजय, तमिलनाडु सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, कस्टोडियल डेथ के खिलाफ सियासी उबाल
एक्टर विजय, पुलिस हिरासत में अजित कुमार की मौत के खिलाफ एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. उनकी पार्टी (TVK) CBI जांच के अलावा हाई कोर्ट की निगरानी में एक विशेष जांच दल की मांग कर रही है. इस कदम को 2026 के तमिलनाडु चुनावों से पहले विजय के एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है.
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आया है. जाने-माने एक्टर और अब नेता बन चुके विजय, (South Actor Vijay Thalapathy) आज एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने जा रहे हैं. यह प्रदर्शन तमिलनाडु के शिवगंगई जिले में पुलिस हिरासत में हुई एक प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की मौत के मामले में न्याय की मांग के लिए हो रहा है. जब से विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेट्री कड़गम' (TVK) बनाई है, तब से यह उनका पहला बड़ा सार्वजनिक आंदोलन होगा.
क्या है पूरा मामला?
मामला अजित कुमार नाम के एक व्यक्ति से जुड़ा है, जो मदापुरम मंदिर में गार्ड का काम करते थे. पिछले महीने पुलिस हिरासत में उनकी मौत हो गई थी. एक सेशन कोर्ट के जज की रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि अजित को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया था और उन्हें टॉर्चर किया गया था. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने CBI को 20 अगस्त तक फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
सरकार ने क्या कदम उठाए?
बढ़ते गुस्से और दबाव के बाद, तमिलनाडु सरकार ने यह केस CBI को सौंप दिया है. मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने अजित कुमार के परिवार से माफी मांगी और कहा कि "जांच पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए", इसीलिए केस CBI को दिया गया है. जिस महिला की गहने चोरी की शिकायत पर अजित कुमार को उठाया गया था, उस मामले की जांच भी अब CBI ही करेगी.
राज्य सरकार ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है. पांच पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, DSP को सस्पेंड कर दिया गया है और शिवगंगई के SP को कंपलसरी वेट पर रखा गया है (यानी उनसे काम छीन लिया गया है).
विजय और उनकी पार्टी की क्या मांग है?
विजय की पार्टी TVK की मांग है कि इस मामले की और गहराई से जांच के लिए हाई कोर्ट की निगरानी में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई जाए. आज के प्रदर्शन में पुलिस हिरासत में मारे गए अन्य पीड़ितों के परिवार भी शामिल हो सकते हैं, जिससे इस आंदोलन को और मजबूती मिलेगी. विजय ने कल खुद इन परिवारों से अपनी पार्टी के मुख्यालय में मुलाकात की थी.
इस प्रदर्शन के राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकार इस विरोध प्रदर्शन को विजय के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं. विजय खुद को 2026 के राज्य चुनावों के लिए अपनी पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में पेश कर रहे हैं. उनकी पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि वे किसी भी सूरत में बीजेपी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगे. यह कदम आने वाले चुनावों के लिए उनकी राजनीतिक दिशा को स्पष्ट करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 13, 2025 10:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

