PoK में बगावत का VIDEO! पाकिस्तानी सेना के खिलाफ जमकर हुआ बवाल, गुस्साए लोगों ने पाक सरकार की उड़ा दी नींद
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. आम जनता अपने ही हुक्मरानों के खिलाफ सड़कों पर है और इसी बीच, अवामी एक्शन कमेटी (AAC) के एक बड़े नेता शौकत नवाज मीर का एक बयान आग की तरह फैल गया है. उन्होंने एक ज़ोरदार भाषण में पाकिस्तान सरकार और सेना की तुलना एक ऐसी "डायन" से की है जो अपने ही लोगों को मारने पर तुली हुई है.

"आज़ाद कश्मीर" के नाम पर सिर्फ़ धोखा

एक विशाल प्रदर्शन को संबोधित करते हुए शौकत नवाज मीर ने कहा कि जिस जगह को 'आज़ाद कश्मीर' कहा जाता है, वह असल में बिल्कुल भी आज़ाद नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह इलाका दशकों से शोषण और दमन की जंजीरों में जकड़ा हुआ है. मीर ने साफ कहा, "हमारी लड़ाई किसी एक इंसान के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस पूरे सिस्टम के खिलाफ है जिसने हमें बर्बाद कर दिया है. यह जनता का संघर्ष है, आपका संघर्ष है, और हम सब मिलकर इस ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाएंगे."

क्यों सड़कों पर उतरे हैं लोग?

यह विरोध प्रदर्शन शुरुआत में आसमान छूती बिजली की कीमतों और आटे की कमी जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था. लेकिन अब यह पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गया है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार दशकों से उनके साथ भ्रष्टाचार, अनदेखी और राजनीतिक अधिकारों का हनन करती आ रही है.

हिंसा और खून-खराबा

यह आंदोलन तब और ज़्यादा भड़क गया जब पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चला दीं. रिपोर्टों के मुताबिक, मुजफ्फराबाद, बाग और पुंछ जैसे इलाकों में हुई इस फायरिंग में कम से कम 12 आम नागरिक मारे गए और 200 से ज़्यादा लोग घायल हो गए. इस झड़प में तीन पुलिसकर्मियों के भी मारे जाने की खबर है. सरकार ने सोचा था कि इस कार्रवाई से लोग डर जाएंगे, लेकिन हुआ इसका उल्टा. इस खून-खराबे ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है.

पाकिस्तान के पाखंड का पर्दाफाश

शौकत नवाज मीर ने पाकिस्तानी हुक्मरानों पर दोगलेपन का आरोप लगाया. उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने हिंदुओं को 'काफिर' कहा था. मीर ने कहा, "ये लोग भारत के हिंदुओं पर अत्याचार का आरोप लगाते हैं, जबकि इनके खुद के हाथ कश्मीरियों के खून से रंगे हुए हैं."

उन्होंने आगे कहा कि PoK में विरोध की हर आवाज़ को बेरहमी से कुचला जा रहा है, स्थानीय मीडिया का गला घोंट दिया गया है और प्रदर्शनकारियों के साथ दुश्मनों जैसा बर्ताव हो रहा है.

PoK के लिए एक ऐतिहासिक मोड़

जानकारों का मानना है कि PoK में इस पैमाने पर हो रहा विरोध एक ऐतिहासिक मोड़ है. दशकों में यह पहली बार है जब 'आज़ाद कश्मीर' में सीधे तौर पर इस्लामाबाद और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नारे लग रहे हैं. इससे 'आज़ाद कश्मीर' का वो नकाब उतर रहा है, जिसे पाकिस्तान दुनिया को दिखाता आया है.

शौकत नवाज मीर ने कसम खाई, "यह संघर्ष हमारी आखिरी सांस तक चलेगा. हम चुप नहीं बैठेंगे. PoK के लोग अब और ज़ुल्म नहीं सहेंगे."

फिलहाल, पूरे इलाके में इंटरनेट बंद है और पाकिस्तानी मीडिया इस खबर को लगभग न के बराबर दिखा रहा है. लेकिन लोगों का 'लॉन्ग मार्च' जारी है. यह पाकिस्तान सरकार के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि जिस इलाके की रक्षा का वो दावा करते हैं, वहीं के लोग अब उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन बता रहे हैं.