लेह में गरजे पीएम मोदी, चीन को कड़ा संदेश देते हुए कहा ‘विस्तारवाद का युग खत्म, विकासवाद का शुरू’
चीनी सेनाओं के साथ पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के 18 दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने लेह जाकर स्थिति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने देश चीन को सख्त संदेश देते हुए कहा कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है, यह विकासवाद का समय चल रहा है.
लेह: चीनी सेनाओं के साथ पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुए हिंसक संघर्ष के 18 दिन बाद प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने लेह जाकर स्थिति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने देश चीन को सख्त संदेश देते हुए कहा कि विस्तारवाद का युग समाप्त हो चुका है, यह विकासवाद का समय चल रहा है. देश के के जांबाज जवानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि विस्तारवादी ताकतें या तो हार गई हैं या वापस लौटने के लिए मजबूर हुई हैं.
वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के करीब पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को करारा जवाब देने वाले 20 शहीद जवानों को पीएम मोदी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा “आप जो सेवा करते हैं उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता है. आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा जहां आप तैनात हैं. आपकी भुजाएं उन चट्टानों से भी मज़बूत है, आज आपके बीच आकर मैं इसे महसूस कर रहा हूं. जब देश की रक्षा आपके हाथों में है, आपके मजबूत इरादों में है, तो सिर्फ मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को अटूट विश्वास है और देश निश्चिंत भी है.” चीन से तनाव के बीच अचानक लेह पहुंचकर PM मोदी ने ली सारी जानकारी, देखें वीडियो
#WATCH Prime Minister Narendra Modi addresses soldiers in Nimoo, Ladakh https://t.co/LCa8oWxL39
— ANI (@ANI) July 3, 2020
उन्होंने आगे कहा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प आपके त्याग, बलिदान के कारण और भी मजबूत होता है. 14 कोर की जांबाजी के किस्से हर तरफ है। दुनिया ने आपका अदम्य साहस देखा है. आपकी शौर्य गाथाएं घर-घर में गूंज रही है. भारत माता के दुश्मनों ने आपकी फायर भी देखी है और आपकी फ्यूरी भी देती है. आज लद्दाख के लोग हर स्तर पर, चाहे वो सेना हो या सामान्य नागरिक के कर्तव्य हो, राष्ट्र को सशक्त करने के लिए अद्भुत योगदान दे रहे हैं.
जवानों का हौसला बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा “हमारे यहां कहा जाता है, वीर भोग्य वसुंधरा। यानी वीर अपने शस्त्र की ताकत से ही मातृभूमि की रक्षा करते हैं. ये धरती वीर भोग्या है. इसकी रक्षा-सुरक्षा को हमारा सामर्थ्य और संकल्प हिमालय जैसा ऊंचा है. ये सामर्थ्य और संकल्प में आज आपकी आंखों में, चेहरे पर देख सकता हूं.”
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2020 03:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

