PM Modi Japan Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बड़े देशों, जापान और चीन के महत्वपूर्ण दौरे पर निकल चुके हैं. शुक्रवार सुबह वह जापान की राजधानी टोक्यो पहुंच गए, जहां उनका शानदार स्वागत किया गया. यह दौरा भारत के लिए कई मायनों में खास है, जिसमें दोस्ती निभाने से लेकर व्यापार बढ़ाने और दुनिया के बड़े नेताओं के साथ बैठकें करने तक सब कुछ शामिल है.
जापान में भव्य स्वागत और बड़े एजेंडे
पीएम मोदी जैसे ही टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर उतरे, उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ. वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों में गजब का उत्साह दिखा. सबसे खास बात यह रही कि जापानी लोगों ने भी भारतीय संस्कृति के रंग में रंगकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. कुछ जापानी लोगों ने गायत्री मंत्र और दूसरे मंत्रों का पाठ किया, तो वहीं राजस्थानी पोशाक पहने कुछ लोगों ने राजस्थानी लोकगीत गाकर सबका मन मोह लिया.
📍Japan | #Watch: Indian diaspora extends a warm welcome to PM Modi on his arrival in Japan.#PMModiInJapan
📹: ANI/X pic.twitter.com/aamqVtBQAt
— NDTV (@ndtv) August 29, 2025
इस स्वागत से अभिभूत होकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह भारतीय समुदाय के स्नेह से बहुत खुश हैं. उन्होंने इस बात की तारीफ की कि कैसे भारतीय लोग जापान में रहते हुए वहां के समाज में अपना योगदान दे रहे हैं और अपनी जड़ों को भी मजबूत बनाए हुए हैं.
VIDEO | Members of the Japanese community welcomed Prime Minister Narendra Modi in Tokyo by reciting the Gayatri Mantra and other chants as he arrived in Japan.
PM Modi is on a two-day visit to Japan at the invitation of Japanese Prime Minister Shigeru Ishiba to attend the 15th… pic.twitter.com/95m0ktLB9U
— Press Trust of India (@PTI_News) August 29, 2025
दौरे का मकसद क्या है?
पीएम मोदी जापान में 29 और 30 अगस्त को रहेंगे. इस दौरान वह जापान के नए प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे. इस बातचीत के कई बड़े एजेंडे हैं:
- बड़ा निवेश: सबसे बड़ी खबर यह है कि जापान अगले 10 सालों में भारत में 10 ट्रिलियन येन (करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये) के निजी निवेश का ऐलान कर सकता है. यह 2022 में तय किए गए लक्ष्य से लगभग दोगुना है. इससे भारत में नई कंपनियां और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
- मेक इन इंडिया को बढ़ावा: जापान हमेशा से 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का समर्थक रहा है. मारुति सुजुकी अब भारत में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को दूसरे देशों में बेच रही है, जो इसका एक बड़ा उदाहरण है.
- बुलेट ट्रेन: अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट दोनों देशों की दोस्ती की मिसाल है. इस पर भी आगे की चर्चा होगी.
- चीन पर निर्भरता कम: भारत और जापान मिलकर सेमीकंडक्टर (जो मोबाइल और लैपटॉप में इस्तेमाल होता है), दुर्लभ खनिज और साफ-सुथरी ऊर्जा (जैसे सोलर एनर्जी) के क्षेत्र में एक नई साझेदारी कर सकते हैं. इसका मकसद इन जरूरी चीजों के लिए चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना है.
Deeply touched by the warmth and affection of the Indian community here in Tokyo. Their commitment to preserving our cultural roots while contributing meaningfully to Japanese society is truly commendable.
In a few hours from now, will be interacting with a group of business… pic.twitter.com/cqLIthLxF8
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
जापान के बाद चीन का दौरा
जापान का दौरा खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को चीन जाएंगे. वहां वह तियानजिन शहर में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. यह एक बड़ा मंच है जहां कई देशों के नेता एक साथ आते हैं.
Landed in Tokyo. As India and Japan continue to strengthen their developmental cooperation, I look forward to engaging with PM Ishiba and others during this visit, thus providing an opportunity to deepen existing partnerships and explore new avenues of collaboration.… pic.twitter.com/UPwrHtdz3B
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
इस सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की दो सबसे महत्वपूर्ण मुलाकातें होंगी - चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ. इन बैठकों पर पूरी दुनिया की नजरें रहेंगी, क्योंकि इनमें सीमा विवाद से लेकर वैश्विक मुद्दों पर अहम बातचीत हो सकती है.
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की 'पड़ोसी पहले' और 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक अहम हिस्सा है, जो दोस्ती, व्यापार और कूटनीति के जरिए देश को और मजबूत बनाने का एक बड़ा कदम है.













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