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VIDEO: जापान पहुंचे PM मोदी, टोक्यो में मंत्रोच्चार से हुआ जोरदार स्वागत, जिनपिंग-पुतिन से मिलेंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो-राष्ट्रों के दौरे के पहले चरण में जापान पहुंच गए हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. इसके बाद पीएम मोदी चीन में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां वह शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे.

VIDEO: जापान पहुंचे PM मोदी, टोक्यो में मंत्रोच्चार से हुआ जोरदार स्वागत, जिनपिंग-पुतिन से मिलेंगे प्रधानमंत्री
पीएम मोदी का टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत हुआ (Photo : X)

PM Modi Japan Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बड़े देशों, जापान और चीन के महत्वपूर्ण दौरे पर निकल चुके हैं. शुक्रवार सुबह वह जापान की राजधानी टोक्यो पहुंच गए, जहां उनका शानदार स्वागत किया गया. यह दौरा भारत के लिए कई मायनों में खास है, जिसमें दोस्ती निभाने से लेकर व्यापार बढ़ाने और दुनिया के बड़े नेताओं के साथ बैठकें करने तक सब कुछ शामिल है.

जापान में भव्य स्वागत और बड़े एजेंडे

पीएम मोदी जैसे ही टोक्यो के हानेडा एयरपोर्ट पर उतरे, उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ. वहां रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों में गजब का उत्साह दिखा. सबसे खास बात यह रही कि जापानी लोगों ने भी भारतीय संस्कृति के रंग में रंगकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया. कुछ जापानी लोगों ने गायत्री मंत्र और दूसरे मंत्रों का पाठ किया, तो वहीं राजस्थानी पोशाक पहने कुछ लोगों ने राजस्थानी लोकगीत गाकर सबका मन मोह लिया.

इस स्वागत से अभिभूत होकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह भारतीय समुदाय के स्नेह से बहुत खुश हैं. उन्होंने इस बात की तारीफ की कि कैसे भारतीय लोग जापान में रहते हुए वहां के समाज में अपना योगदान दे रहे हैं और अपनी जड़ों को भी मजबूत बनाए हुए हैं.

दौरे का मकसद क्या है?

पीएम मोदी जापान में 29 और 30 अगस्त को रहेंगे. इस दौरान वह जापान के नए प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे. इस बातचीत के कई बड़े एजेंडे हैं:

  1. बड़ा निवेश: सबसे बड़ी खबर यह है कि जापान अगले 10 सालों में भारत में 10 ट्रिलियन येन (करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये) के निजी निवेश का ऐलान कर सकता है. यह 2022 में तय किए गए लक्ष्य से लगभग दोगुना है. इससे भारत में नई कंपनियां और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
  2. मेक इन इंडिया को बढ़ावा: जापान हमेशा से 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का समर्थक रहा है. मारुति सुजुकी अब भारत में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों को दूसरे देशों में बेच रही है, जो इसका एक बड़ा उदाहरण है.
  3. बुलेट ट्रेन: अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट दोनों देशों की दोस्ती की मिसाल है. इस पर भी आगे की चर्चा होगी.
  4. चीन पर निर्भरता कम: भारत और जापान मिलकर सेमीकंडक्टर (जो मोबाइल और लैपटॉप में इस्तेमाल होता है), दुर्लभ खनिज और साफ-सुथरी ऊर्जा (जैसे सोलर एनर्जी) के क्षेत्र में एक नई साझेदारी कर सकते हैं. इसका मकसद इन जरूरी चीजों के लिए चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना है.

जापान के बाद चीन का दौरा

जापान का दौरा खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त और 1 सितंबर को चीन जाएंगे. वहां वह तियानजिन शहर में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. यह एक बड़ा मंच है जहां कई देशों के नेता एक साथ आते हैं.

इस सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी की दो सबसे महत्वपूर्ण मुलाकातें होंगी - चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ. इन बैठकों पर पूरी दुनिया की नजरें रहेंगी, क्योंकि इनमें सीमा विवाद से लेकर वैश्विक मुद्दों पर अहम बातचीत हो सकती है.

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत की 'पड़ोसी पहले' और 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक अहम हिस्सा है, जो दोस्ती, व्यापार और कूटनीति के जरिए देश को और मजबूत बनाने का एक बड़ा कदम है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2025 08:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).