पीलीभीत लोकसभा सीट 2019 के चुनाव परिणाम: बीजेपी से वरुण गांधी आगे, सपा-बसपा गठबंधन पीछे
मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी सरकार में मेनका गांधी मंत्री हैं. इस पीलीभीत सीट से 6 बार मेनका सांसद चुनी जा चुकी हैं. इस सीट से कांग्रेस 1951 में हुए लोकसभा चुनाव में जीती थी. लेकिन उसके बाद प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1957, 1962, 1967 के चुनाव में का परचम लहराया
पीलीभीत लोकसभा सीट के रुझान आने शुरू हो गए हैं. उत्तर प्रदेश में साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां से 72 सीटों को हासिल किया था. पीलीभीत सीट से 6 बार मेनका सांसद चुनी जा चुकी हैं. वहीं इस बार पीलीभीत से सपा-बसपा-रालोद के उम्मीदवार हेमराज वर्मा मैदान में है. तो वहीं बीजेपी ने कमल खिलाने की जिम्मेदारी वरुण गांधी (Varun Gandhi) को दी है. उत्तर प्रदेश के 80 सीटों के लिए 7 चरण में चुनाव हुए हैं.
लोकसभा चुनाव 2019 में जीत की उम्मीद लिए सभी राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं. लेकिन इस बार चर्चा पीलीभीत लोकसभा सीट को लेकर भी तेज है. वैसे इस सीट पर पिछले करीब तीन दशक से संजय गांधी की पत्नी मेनका गांधी और बेटे वरुण गांधी का ही राज रहा है. पीलीभीत सीट पर बीजेपी पहले नंबर पर, 2 पर समाजवादी पार्टी, नंबर 3 पर बसपा और नंबर 4 पर कांग्रेस रही है.
मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी सरकार में मेनका गांधी मंत्री हैं. पीलीभीत सीट से 6 बार मेनका सांसद चुनी जा चुकी हैं. इस सीट से कांग्रेस 1951 में हुए लोकसभा चुनाव में जीती थी. लेकिन उसके बाद प्रजा सोशलिस्ट पार्टी 1957, 1962, 1967 के चुनाव में का परचम लहराया. लेकिन एक बार फिर वहीं 1980 और 1984 में यहां कांग्रेस का दबदबा कायम हुआ लेकिन फिर साल 1989 में मेनका गांधी ने जनता दल को जीत दिलाई. लेकिन साल 1991 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था और बीजेपी से परशुराम गंगवार इस सीट से सांसद चुने गए थे.
यह भी पढ़ें:- फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट: जानें 2019 के उम्मीदवार, मौजूदा सांसद, मतदान की तारीख और चुनाव परिणाम
लेकिन एक बार फिर सियासी कायापलट देखने को मिला जब साल 1996 से 2004 तक मेनका गांधी ने पीलीभीत लोकसभा सीट से लगातार चार बार यहां से चुनाव जीता. इसके बाद पीलीभीत उनके लिए गढ़ बनी और निर्दलीय जीते. 2004 में बीजेपी के टिकट से चुनाव में जीत हासिल की थी. लेकिन बेटे वरुण गांधी के लिए मेनका गांधी ने 2009 में ये सीट छोड़ी. उसके बाद वरुण यहां से सांसद चुने गए. लेकिन मेनका गांधी की एक बार फिर इंट्री हुई और 2014 में छठीं बार यहां से सांसद चुनी गईं.
यह भी पढ़ें:- यवतमाल-वाशिम लोकसभा सीट: जानें 2019 के उम्मीदवार, मौजूदा सांसद, मतदान की तारीख और चुनाव परिणाम
कुल विधानसभा क्षेत्र: पीलीभीत लोकसभा सीट के अंतर्गत 5 विधान सभा क्षेत्र आते हैं. इनके नाम बहेरी,पीलीभीत,बर्खेरा, पूरनपुर और बीसलपुर हैं.
ऐसा था 2014 का चुनावी परिणाम
बीजेपी: मेनका गांधी को 5,46,934 वोट मिले.
समाजवादी पार्टी: बुधसेन वर्मा को 2,39,882 वोट मिले.
बीएसपी: अनीस अहमद को 1,96,294 वोट मिले.
कांग्रेस: संजय कपूर 29,169 वोट मिले.
गौरतलब हो कि देश की तमाम राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव आयोग (EC) ने भी आगामी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के लिए तैयारी शुरू कर दी है. सियासी पारा अपने चरम पर है. ऐसे में चुनाव को लेकर इलेक्शन कमिशन कोई कोरकसर बाकी नहीं रख रही है. इस बार के चुनाव में तकरीबन 90 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे. इस बार के लोकसभा की 543 सीटों के लिए मतदान 11 अप्रैल, 18, 23, 29 अप्रैल और छह, 12, 19 मई को वोटिंग हुई.
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2019 10:02 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

