फतेहपुर सिकरी लोकसभा सीट 2019 के चुनाव परिणाम: जानें उत्तर प्रदेश की इस सीट से राजकुमार चाहर आगे कांग्रेस से राज बब्बर पीछे
बता दें कि 2008 के परिसीमन के बाद फतेहपुर सीकरी संसदीय सीट अस्तित्व में आई थी. इस साल 2019 में यहां तीसरी बार लोकसभा सीट के लिए सियासी जंग होगी. इससे पहले इस संसदीय क्षेत्र की खेरागढ़, फतेहाबाद और बाह विधानसभा सीटें और फिरोजाबाद लोकसभा, फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र आगरा लोकसभा सीट के अंतर्गत आती थीं
फतेहपुर सिकरी लोकसभा चुनाव सीट के रुझान आने शुरू हो गए हैं. सांसद बाबूलाल का टिकट काट दिया गया है और स्थानीय जुझारू नेता राजकुमार चाहर को बीजेपी ने टिकट दिया है. कांग्रेस ने राज बब्बर पर दांव खेला है. वहीं महागठबंधन में बीएसपी से डिबाई के रहने वाले दबंग गुड्डू पंडित को टिकट दिया गया है. उत्तर प्रदेश के 80 सीटों पर 7 चरणों में मतदान हुआ है. इस बार के चुनाव में बीजेपी का कड़ा मुकाबला सीधे सपा पर बसपा के साथ है. उत्तर प्रदेश में साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां से 72 सीटों को हासिल किया था.
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर अभी तक दो बार ही चुनाव हुआ है. जिसमें पहली बार बीएसपी (BSP) और दूसरी बार बीजेपी ने जीत हासिल किया था. लेकिन इस बार इस सीट पर कांटे की टक्कर मानी जा रही है. क्योंकि इस बार बीजेपी से मुकाबला करने के लिए समाजवादी पार्टी (SP)और बीएसपी ने एक दूसरे का सहारा लिया है. हालांकि दांव पर कांग्रेस की प्रतिष्ठा भी लगी है.
बता दें कि 2008 के परिसीमन के बाद फतेहपुर सीकरी संसदीय सीट अस्तित्व में आई थी. इस साल 2019 में यहां तीसरी बार लोकसभा सीट के लिए सियासी जंग होगी. इससे पहले इस संसदीय क्षेत्र की खेरागढ़, फतेहाबाद और बाह विधानसभा सीटें और फिरोजाबाद लोकसभा, फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र आगरा लोकसभा सीट के अंतर्गत आती थीं.
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साल 2014 के चुनावी परिणाम पर एक नजर डालें तो बीजेपी के बाबूलाल को यहां पर 44 फीसदी से अधिक वोट मिले थे. जबकि नंबर 2 पर बहुजन समाज वादी पार्टी और नंबर 3 पर समाजवादी पार्टी और नंबर 4 पर राष्ट्रीय लोक दल -कांग्रेस का गठबंधन था.
जातीय और आबादी
फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर अगर नजर डालें तो साल 2014 के आंकड़े बताते हैं कि यहां करीब 16 लाख वोटर हैं. जिनमे 8.7 लाख पुरुष और 7 लाख से अधिक महिला वोटर शामिल हैं. अगर जातिगत आंकड़ो की बात करें तो यहां पर जाट समुदाय की पकड़ मानी जाती है.
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गौरतलब हो कि देश की तमाम राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव आयोग (EC) ने भी आगामी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के लिए तैयारी शुरू कर दी है. सियासी पारा अपने चरम पर है. ऐसे में चुनाव को लेकर इलेक्शन कमिशन कोई कोरकसर बाकी नहीं रख रही है. इस बार के चुनाव में तकरीबन 90 करोड़ मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे. इस बार के लोकसभा की 543 सीटों के लिए मतदान 11 अप्रैल, 18, 23, 29 अप्रैल और छह, 12, 19 मई को होंगे और मतगणना 23 मई को की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2019 08:50 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

