No Heatwave Alert Issued by Government: हाल ही में सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 29 मई से 2 जून तक सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कोई भी व्यक्ति बाहर ना निकले, क्योंकि तापमान 45 से 55 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. इसमें यह भी लिखा है कि केंद्र सरकार और नागरिक सुरक्षा विभाग ने "हाई अलर्ट" जारी कर दिया है.
लेकिन सच यह है कि यह दावा पूरी तरह फर्ज़ी है.
PIB Fact Check ने क्या कहा?
PIB Fact Check (भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक इकाई) ने इस वायरल मैसेज को फर्ज़ी करार दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा इस तरह का कोई हाई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. अगर आप मौसम से जुड़ी असली और सटीक जानकारी पाना चाहते हैं, तो भारत मौसम विभाग (IMD) की वेबसाइट पर जाएं: 🔗 https://mausam.imd.gov.in
वायरल मैसेज में क्या लिखा था?
- 29 मई से 2 जून तक दोपहर के समय बाहर न निकलें.
- तापमान 45 से 55 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है.
- मोबाइल फटने की संभावना है.
- कारों में चीजें न छोड़ें, एयर कंडीशनर का इस्तेमाल सीमित करें.
- ज्यादा से ज्यादा पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें.
- इसके साथ ही लोगों को जहरीली गैस, बिजली की लाइनें, सांप-बिच्छू जैसी बातों से सावधान रहने की सलाह दी गई है.
असलियत क्या है?
भारत मौसम विभाग (IMD) समय-समय पर मौसम से जुड़ी चेतावनियाँ जरूर जारी करता है, लेकिन ऐसा कोई हाई अलर्ट सरकार द्वारा घोषित नहीं किया गया है.
क्या आपने भी सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट या मैसेज देखे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है❓#PIBFactCheck
❌ यह दावा फर्ज़ी है, केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
✅ मौसम एवं जलवायु… pic.twitter.com/xsSJAxdWjz
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 20, 2025
गर्मियों में तापमान बढ़ना आम बात है, और इससे बचाव के लिए कुछ सामान्य सावधानियाँ रखना ज़रूरी है, जैसे कि धूप में ज्यादा देर न रहना, पानी पीते रहना, और हल्के कपड़े पहनना.
क्या करें?
- इस तरह के फर्ज़ी मैसेज को शेयर करने से बचें.
- दूसरों को भी सतर्क करें कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के किसी मैसेज पर भरोसा न करें.
- मौसम की जानकारी के लिए केवल भरोसेमंद स्रोतों जैसे IMD की वेबसाइट या सरकारी अपडेट पर ही भरोसा करें.
अगर आपको ऐसा कोई संदिग्ध मैसेज मिले, तो उसे PIB Fact Check को भेजें या खुद भी जाँचें. याद रखें, सतर्क नागरिक ही सुरक्षित नागरिक होता है.













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