न्यूयॉर्क, 27 सितंबर : संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) के भाषण पर भारत ने प्रतिक्रिया दी. भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान का घेराव किया. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा, "इस सभा ने सुबह-सुबह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की बेतुकी नौटंकी देखी. उन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का महिमा मंडन किया, जो उनकी विदेश नीति का मुख्य हिस्सा है. किसी भी स्तर का नाटक झूठ तथ्यों को छिपा नहीं सकता है. एक तस्वीर हजार शब्द कहती है, और हमने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान बहावलपुर और मुरीदके आतंकी ठिकानों में भारतीय सेना द्वारा मारे गए आतंकवादियों की कई तस्वीरें देखीं.
उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तानी सेना और सरकार के उच्च अधिकारी खुलेआम ऐसे खूंखार आतंकवादियों की प्रशंसा करते हैं तो इस सरकार की मंशा पर कोई शक नहीं रह जाता. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ हाल के विवाद के बारे में भी अजीब बातें कहीं. इस मामले में रिकॉर्ड साफ है कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमले करने की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को सेना ने सीधे हमसे लड़ाई रोकने की गुजारिश की. यह भी पढ़ें : China-Russia Resolution on Iran: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ईरान परमाणु समझौते के विस्तार पर प्रस्ताव पारित करने में विफल
पेटल गहलोत ने कहा, "सच तो यह है कि जैसे पहले भी हुआ है, भारत में निर्दोष नागरिकों पर आतंकी हमलों का जिम्मेदार पाकिस्तान है. हमने ऐसे हमलों से अपने लोगों की रक्षा करने का अपना अधिकार इस्तेमाल किया है और हमलावरों एवं उनके सरगनाओं को सजा दिलाई है." उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के साथ शांति की इच्छा जताई है. अगर वह सच में ईमानदार है तो रास्ता साफ है. पाकिस्तान को तुरंत सभी आतंकी कैंप बंद कर देने चाहिए और भारत में वांछित आतंकवादियों को हमें सौंप देना चाहिए. यह भी अजीब है कि जो देश नफरत, कट्टरता और असहिष्णुता में डूबा हो, वह इस सभा को धर्म के मामलों पर उपदेश दे रहा है.













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