भारत के रक्षा प्रमुख, जनरल अनिल चौहान ने हाल ही में एक बड़ी बात कही है. उन्होंने बताया कि "ऑपरेशन सिंदूर" अभी भी जारी है और देश की सेना को हर समय, हर दिन, पूरे साल पूरी तरह से तैयार रहना होगा. उन्होंने यह बात सुब्रतो पार्क में एक रक्षा सेमिनार में कही.
जनरल चौहान ने समझाया कि युद्ध में कोई दूसरा स्थान नहीं होता, या तो जीत होती है या हार. इसलिए किसी भी सेना को हमेशा चौकस और ऑपरेशन के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्होंने "ऑपरेशन सिंदूर" का उदाहरण दिया और कहा कि यह ऑपरेशन अभी भी चल रहा है.
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
आपको याद होगा, इसी साल 7 मई को भारत ने "ऑपरेशन सिंदूर" शुरू किया था. इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया था. इसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत पर हमले किए, लेकिन भारत ने भी "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत ही जवाबी कार्रवाई की. आखिरकार, 10 मई की शाम को दोनों परमाणु शक्ति वाले देशों के बीच एक समझौता हुआ और सैन्य संघर्ष रुका.
भविष्य के सैनिक कैसे होंगे?
जनरल चौहान ने यह भी बताया कि भविष्य में सेना को "सूचना योद्धा" (information warriors), "प्रौद्योगिकी योद्धा" (technology warriors) और "विद्वान योद्धा" (scholar warriors) की ज़रूरत होगी. उन्होंने कहा कि युद्ध के बदलते माहौल में, भविष्य का सैनिक इन तीनों का मिश्रण होगा. यानी, उसे जानकारी, तकनीक और ज्ञान, सबका महारथी होना पड़ेगा.
यह सेमिनार 'एयरोस्पेस पावर: भारत की संप्रभुता का संरक्षण और राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाना' विषय पर आयोजित किया गया था. जनरल चौहान ने 'शस्त्र' (युद्ध कला) और 'शास्त्र' (ज्ञान प्रणाली) दोनों के महत्व पर भी ज़ोर दिया.













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