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Operation Shield: आज शाम 5 बजे बजेगा सायरन, फिर होगा ब्लैकआउट, पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राज्यों में बड़ी मॉक ड्रिल

'ऑपरेशन शील्ड' के तहत आज शाम 5 बजे पाकिस्तान से सटे राज्यों में मॉक ड्रिल की जाएगी. इस अभ्यास में ब्लैकआउट, सायरन और आपातकालीन रेस्पॉन्स सिस्टम की जांच की जाएगी. सरकार का उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा तैयारियों को परखना और मजबूत करना है.

Operation Shield: आज शाम 5 बजे बजेगा सायरन, फिर होगा ब्लैकआउट, पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राज्यों में बड़ी मॉक ड्रिल

Operation Shield Mock Drill Today: देश की सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए आज शाम 5 बजे ‘ऑपरेशन शील्ड’ के तहत एक बड़ी मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है. यह अभ्यास उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा जो पाकिस्तान की सीमा से सटे हैं – जिनमें पंजाब, राजस्थान, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और चंडीगढ़ शामिल हैं.

यह मॉक ड्रिल पहले 29 मई को होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे टालकर 31 मई को किया गया है. इसका मकसद है सीमावर्ती इलाकों में किसी भी आपात स्थिति या बाहरी खतरे की स्थिति में नागरिक प्रशासन, आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय लोगों की तैयारियों को परखना.

क्या होगा मॉक ड्रिल में?

ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन बजेंगे, ब्लैकआउट किया जाएगा (मतलब बिजली बंद कर दी जाएगी), और आपातकालीन स्थिति को लेकर रेस्पॉन्स सिस्टम को टेस्ट किया जाएगा.

विशेष रूप से पंजाब में चिन्हित संवेदनशील नागरिक इलाकों में पूरी तरह से ब्लैकआउट किया जाएगा. हालांकि, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं को इससे छूट दी गई है.

लोगों को चेतावनी देने के लिए सायरन बजाए जाएंगे और उसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और आम जनता मिलकर ये अभ्यास करेंगी कि अगर असली खतरा हो तो कैसे और कितनी तेजी से प्रतिक्रिया दी जाए.

क्यों हो रही है ये मॉक ड्रिल?

सरकार के अनुसार, 7 मई को देशभर में इसी तरह की एक ड्रिल की गई थी, जिसमें कुछ कमजोरियां सामने आई थीं. उन्हें दूर करने और सीमावर्ती इलाकों की विशेष चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अब यह फोकस्ड मॉक ड्रिल की जा रही है.

क्या होगा फायदा?

  • सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल
  • आम जनता को जागरूक करना कि इमरजेंसी में क्या करें
  • प्रशासन और आपात सेवाओं की रेस्पॉन्स क्षमता को मजबूत बनाना
  • सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा को और पुख्ता करना

सरकार का मानना है कि ऐसे अभ्यास देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम हैं, खासतौर से तब जब सीमाओं पर खतरे की आशंका बनी रहती है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2025 09:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).