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Omicron को 'माइल्ड' समझने की भूल न करें, जानें एक्सपर्ट्स का कहना क्या है

WHO ने कहा है कि ओमिक्रॉन दुनियाभर में बड़ी तेजी से फैल रहा है, इसे हल्का समझकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. ओमिक्रॉन के मामलों में जिस तरह से उछाल आ रहा है उस पर विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन को एक हल्का वेरिएंट कहना गलत होगा.

Omicron को 'माइल्ड' समझने की भूल न करें, जानें एक्सपर्ट्स का कहना क्या है
कोरोना का कहर (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: देश में कोरोना (COVID-19) के मामलों के तेज रफ्तार से इजाफा जारी है. कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) के मामले ताबड़तोड़ तरीके से बढ़ रहे हैं. हालांकि कई विशेषज्ञ ओमिक्रॉन वेरिएंट को डेल्टा (Delta) के मुकाबले कम गंभीर बता रहे हैं. ऐसे में ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर सभी के मन में यह सवाल है कि क्या इसके लक्षण हल्के हैं? क्या यह वाकई में खतरनाक नहीं है. ओमिक्रॉन को लेकर अभी तक कई स्टडी सामने आ चुके हैं. अध्यन से पता चलता है कि यह वेरिएंट मरीजों में गंभीर असर नहीं दिखा रहा है. हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ओमिक्रॉन को लेकर चेतावनी दी है. Omicron: देशभर में कोरोना से दहशत! जानें कब आएगा तीसरी लहर का पीक, कब होगा अंत?

WHO ने कहा है कि ओमिक्रॉन दुनियाभर में बड़ी तेजी से फैल रहा है, इसे हल्का समझकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. ओमिक्रॉन के मामलों में जिस तरह से उछाल आ रहा है उस पर विशेषज्ञों ने कहा है कि ओमिक्रॉन को एक हल्का वेरिएंट कहना गलत होगा. हालांकि कोरोना के अन्य वेरिएंट की तुलना में इससे अस्पताल में भर्ती होने की संख्या कम है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वेरिएंट हल्का है.

WHO ने दी चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, वेरिएंट पहली बार नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया था और कहा गया था कि यह हल्का है क्योंकि यह गंभीर बीमारी का कारण नहीं बना है. अब, दुनिया भर में ओमिक्रॉन के मामलों की संख्या बढ़ रही है और कुछ देशों में अस्पताल में भर्ती होने की संख्या भी बढ़ रही है. इसलिए इसे कम गंभीर कहना सही होगा लेकिन हल्का नहीं.

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में लोग नए वेरिएंट के शिकार हो रहे हैं. कई देशों में इसकी रफ्तार डेल्टा वेरिएंट से भी तेज है. इसका अर्थ है कि अस्पताल तेजी से भर रहे हैं.

टेड्रोस ने कहा, "ओमिक्रॉन डेल्टा की तुलना में कम गंभीर जरूर लग रहा हो, खासकर टीका ले चुके लोगों में. हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है इसे हल्के वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया जाना चाहिए."

ओमिक्रॉन की रफ्तार खतरनाक 

कई विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन को हल्का समझना गलती है. दुनिया सहित भारत में यह वेरिएंट कितनी तेजी से फैल रहा है आकंडे सभी के सामने हैं. ताजा मामलों में मरीजों को अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ रहा है. डेल्टा के मुकाबले यह संख्या जरूर कम है लेकिन इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है.

दुनियाभर में दिखा है कि ओमिक्रॉन फुली वैक्सीनेटेड और बूस्टर डोज लगे लोगों को भी संक्रमित कर रहा है, इसलिए इसे हल्का नहीं कहा जा सकता है. यह कम गंभीर जरूर है लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है. कोरोना उपयुक्त व्यवहार का पालन करें. मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करें. लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2022 05:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).