Omicron: देशभर में कोरोना से दहशत! जानें कब आएगा तीसरी लहर का पीक, कब होगा अंत?
देश में कोरोना वायरस (COVID-19 Third Wave) की तीसरी लहर का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. देश में हर दिन कोरोना के मामलों में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. दिल्ली, मुंबई से लेकर सभी बड़े शहरों के साथ ही छोटे शहरों में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार खतरनाक हो चुकी है.
देश में कोरोना वायरस (COVID-19 Third Wave) की तीसरी लहर का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. देश में हर दिन कोरोना के मामलों में बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. दिल्ली, मुंबई से लेकर सभी बड़े शहरों के साथ ही छोटे शहरों में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार खतरनाक हो चुकी है. देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1,17,100 नए केस सामने आए हैं. अब तक कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) के देश में कुल 3007 केस हो गए हैं. हालांकि, उनमें से 1199 लोग ठीक भी हो चुके हैं. इस बीच हर किसी के मन में तीसरी लहर को लेकर कई सवाल हैं. दूसरी लहर के दौरान भारत में वास्तव में कितने लोग मारे गए?
हर कोई जानना चाहता है कि कोरोना की तीसरी लहर का पीक कब आएगा और कब इस लहर का अंत होगा. कई स्टडी में महामारी को पीक को लेकर भविष्यवाणी की गई है. विशेषज्ञों के अनुसार भारत में कोरोना की तीसरी लहर का पीक जनवरी के तीसरे या आखिरी सप्ताह से फरवरी के पहले सप्ताह के बीच आ सकता है. ये स्टडी भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय सांख्यिकी संस्थान बेंगलुरु की टीम ने की है.
स्टडी के अनुसार महामारी का पीक हर राज्य में अलग-अलग समय पर आ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि, जिन लोगों के कोरोना वायरस की चपेट में आने की आशंका अधिक है, उनकी संख्या के आधार पर मार्च की शुरुआत से मार्च के अंत तक कोरोना धीरे-धीरे कम हो जाएगा.
मार्च तक कम हो जाएगा तीसरी लहर का असर
इस स्टडी के अनुसार कोरोना वायरस की तीसरी लहर में सबसे अधिक मामले जनवरी के तीसरे और चौथे सप्ताह में देखने को मिलेंगे. इसके बाद मार्च तक नए मामलों में कमी देखने को मिलेगी. अलग-अलग राज्यों में कोरोना अलग टाइम पर पीक में पहुंच सकता है.
मॉडल के अनुसार दिल्ली में तीसरी लहर का पीक जनवरी के मध्य या तीसरे सप्ताह तक हो सकता है. वहीं मुंबई में भी यह जनवरी के मध्य से अंतिम सप्ताह के बीच हो सकता है और तमिलनाडु में महामारी का पीक जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले सप्ताह में होगा.
10 लाख तक पहुंच सकते हैं मामले
स्टडी के मुताबिक, वायरस का आसानी से शिकार बनने वाले लोगों की संख्या (यानी बीमार, वृद्ध और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग) के अनुमान के आधार पर पर रोजाना 3 लाख, 6 लाख या फिर 10 लाख तक मामले सामने आ सकते हैं. इससे पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर के शोधकर्ताओं के इसी तरह के एक अध्ययन ने अनुमान लगाया कि भारत में कोविड -19 महामारी की तीसरी लहर 3 फरवरी तक अपने पीक पर पहुंच सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 07, 2022 03:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

