Odisha School Horror: कालाहांडी में विशेष स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न, वार्डन पर लगा गंभीर आरोप; प्रशासन में मचा हड़कंप
ओडिशा के कालाहांडी जिले में मूक-बधिर और दृष्टिबाधित बच्चों के एक सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूल में यौन शोषण का मामला सामने आया है. आरोपी वार्डन के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है.
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पुरी/कालाहांडी: ओडिशा (Odisha) के कालाहांडी (Kalahandi) जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां मूक-बधिर और दृष्टिबाधित बच्चों (Deaf and Blind Students) के लिए बने एक सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूल में कई नाबालिग छात्रों (Minor Students) के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) और शारीरिक शोषण (Physical Abuse) का मामला प्रकाश में आया है. रेड क्रॉस स्कूल फॉर द डेफ एंड ब्लाइंड (Red Cross School for the Deaf and Blind) में हुए इस घटनाक्रम ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह भी पढ़ें: Mumbai Child Missing-Kidnapping: मुंबई में बच्चों के गायब-अपहरण की खबरों को मुंबई पुलिस ने बताया अफवाह, गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ करेगी कार्रवाई
सांकेतिक भाषा के जरिए बयां किया दर्द
यह मामला तब सामने आया जब स्कूल के छात्रों ने शिक्षकों और वहां आए अधिकारियों को सांकेतिक भाषा (Sign Language) और लिखित नोटों के जरिए अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की जानकारी दी. पीड़ित छात्रों ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल के पुरुष वार्डन और अन्य स्टाफ लंबे समय से उनका शोषण कर रहे थे. अपनी शारीरिक अक्षमता और संवाद की बाधा के कारण बच्चे काफी समय तक इस जुल्म को सहने को मजबूर थे.
प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और बाल कल्याण अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया है. जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (DSSO) और बाल कल्याण समिति (CWC) ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है.
पुलिस ने विशेष सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों की मदद से छात्रों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है. चूंकि पीड़ित छात्र विशेष रूप से अक्षम और गहरे सदमे में हैं, इसलिए जांच टीम बेहद संवेदनशीलता के साथ साक्ष्य जुटा रही है. राज्य सरकार ने स्कूल प्रबंधन से वार्डन के आचरण और अब तक की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल की पोल खोल दी है. राज्य के नियमों के अनुसार:
- हॉस्टल स्टाफ का कड़ा बैकग्राउंड चेक अनिवार्य है.
- नाबालिग लड़कियों वाले हॉस्टल में महिला अटेंडेंट की उपस्थिति जरूरी है.
- साझा क्षेत्रों में चालू हालत में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे होने चाहिए.
रिपोर्ट्स के अनुसार, भवानीपटना स्थित इस केंद्र में इन नियमों की अनदेखी की गई. इसके अलावा, दिव्यांग छात्रों के लिए शिकायत दर्ज कराने की कोई प्रभावी व्यवस्था भी नहीं थी. यह भी पढ़ें: Mumbai Child Missing: मुंबई में मासूमों के लापता होने को लेकर पुलिस अलर्ट, 36 घंटे में 8 लड़कियों समेत 12 बच्चे लापता, शहरभर में तलाशी अभियान शुरू
प्रदेशव्यापी ऑडिट की मांग
घटना के बाद दिव्यांगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समूहों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने राज्य भर के सभी विशेष स्कूलों के सुरक्षा ऑडिट की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपी वार्डन और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और स्कूल परिसर की निगरानी बढ़ा दी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2026 09:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

