Nepali Student Dies in KIIT: केआईआईटी में नेपाली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, नेपाल की विदेश मंत्री बोलीं 'हम भारत सरकार के संपर्क में'
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नई दिल्ली, 2 मई : ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली नेपाल की छात्रा का शव गुरुवार को रहस्यमय परिस्थितियों में छात्रावास के कमरे में मिला. छात्रा की पहचान प्रिसा साह के रूप में हुई है. वह बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा थी. इस घटना की जानकारी प्रबंधन ने छात्रा के परिजनों को दी.

नेपाल की विदेश मंत्री आरजू राना देउबा ने मौत पर दुख जताते हुए एक्स पोस्ट में कहा, "भारत के ओडिशा में कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी) विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली नेपाली छात्रा प्रिसा साह की अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाए जाने की घटना से सब आहत हैं. मैं प्रिसा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं और इस दुखद समय में उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं." उन्होंने अपने पोस्ट में प्रिसा की मौत की सच्चाई जानने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के संपर्क में रहने की बात भी कही. लिखा, "इस घटना के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार, ओडिशा सरकार और दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास के उच्च पदस्थ अधिकारियों के माध्यम से घटना की सच्चाई जानने के लिए कूटनीतिक पहल शुरू की है." यह भी पढ़ें : पाकिस्तानी सैनिकों ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया,एलओसी के निकट रहने वाले लोग तैयार कर रहे बंकर

ओडिशा सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, नेपाली छात्रा केआईआईटी विश्वविद्यालय में बीटेक प्रथम वर्ष में पढ़ती थी. इस घटना की जानकारी प्रबंधन ने नेपाली छात्रा के परिजनों को दी. साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई है. जारी बयान के मुताबिक, इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती है. इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस आयुक्त तथा राजस्व संभागीय आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे तथा घटना के कारणों की जांच की और मामले में उचित कार्रवाई की गई.

हाल के महीनों में नेपाली छात्रा की संदिग्ध मौत का यह दूसरा मामला है. फरवरी माह में ही बीटेक थर्ड ईयर की छात्रा थी. 16 फरवरी को प्रकृति लामसाल का शव हॉस्टल में मिला था. कहा गया कि उसने आत्महत्या की थी. मौत पर कॉलेज के अन्य इंटरनेशनल छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया था. छात्रा के परिजन की शिकायत पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया था. इस मामले में करीब 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.