देसी बॉस से भी खराब हैं NRI मैनेजर? रेडिट पोस्ट ने छेड़ी नई बहस, बोले- 'भारतीयों को नौकर समझते हैं'

रेडिट पर एक पोस्ट ने यह बहस छेड़ दी है कि NRI मैनेजर भारतीय बॉस से भी बदतर होते हैं. पोस्ट के अनुसार, वे भारतीयों के साथ पक्षपात और खुद को श्रेष्ठ समझने वाला व्यवहार करते हैं. कई अन्य यूज़र्स ने भी कमेंट्स में अपने ऐसे ही बुरे अनुभवों को साझा किया है.

(Photo : X)

भारत के IT सेक्टर में वर्क कल्चर और मैनेजरों के बर्ताव को लेकर अक्सर बातें होती रहती हैं. लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक पोस्ट ने एक नई और गंभीर बहस छेड़ दी है. इस पोस्ट में एक यूज़र ने दावा किया है कि विदेशों में बैठे अप्रवासी भारतीय (NRI) मैनेजर भारत में काम कर रहे अपने ही देश के लोगों के साथ बहुत बुरा बर्ताव करते हैं, जो भारतीय मैनेजरों से भी बदतर है.

रेडिट पोस्ट में क्या कहा गया?

एक यूज़र ने अपनी भड़ास निकालते हुए लिखा, "अगर आपको लगता है कि भारतीय मैनेजर बुरे होते हैं, तो ज़रा महान NRI मैनेजरों से मिलिए, जिनका खुद को श्रेष्ठ समझने का रवैया एक अलग ही लेवल पर है. सबसे पहले, वे ऐसे किसी भी व्यक्ति को नीची नज़र से देखते हैं जो पश्चिमी देशों में काम नहीं कर रहा है या जिसके पास IIT, IIM जैसे बड़े भारतीय संस्थानों की डिग्री नहीं है."

पोस्ट में आगे लिखा गया, "वे आपसे बहुत ही नीचा दिखाने वाले अंदाज़ में बात करेंगे. और उनके जबरदस्त पक्षपात (Favouritism) का तो क्या ही कहना. वे अच्छे और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स अपने पसंदीदा 'चमचों' को ही देते हैं. भारत से काम करने वाले भारतीयों को वे अपना नौकर समझते हैं और उन्हें लगता है कि वे किसी न किसी तरह से आपसे बेहतर हैं. अब मुझे समझ आ रहा है कि दूसरी राष्ट्रीयताओं के लोग उनसे नफरत क्यों करने लगे हैं."

NRI managers are worse than Indian managers.

byu/Upstairs-You-2649 inIndianWorkplace

लोगों ने सुनाई अपनी आपबीती

यह पोस्ट वायरल हो गया और कई लोगों ने कमेंट्स में अपने ऐसे ही बुरे अनुभव साझा किए.

यह बहस दिखाती है कि कॉर्पोरेट जगत में पद और जगह बदलने से कुछ लोगों का व्यवहार अपने ही देश के लोगों के प्रति कैसे बदल जाता है. यह समस्या सिर्फ IT सेक्टर तक ही सीमित नहीं है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की ज़रूरत है.

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