Noida Schools Screen Time Rules: नोएडा के स्कूलों में स्क्रीन टाइम पर सख्ती, प्राइमरी छात्रों के लिए 30 मिनट और अपर प्राइमरी के लिए 60 मिनट की सीमा
अभिभावक संगठनों की शिकायतों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने यह कदम उठाया है. प्रशासन का कहना है कि स्मार्ट और डिजिटल बोर्ड पढ़ाई को प्रभावी बनाने का एक पूरक माध्यम हैं, लेकिन उनका लगातार और अनावश्यक उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य, पढ़ाई और शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
Noida Schools New Screen Time Guidelines: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी स्कूलों के लिए जिला प्रशासन ने स्मार्ट बोर्ड और डिजिटल बोर्ड के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है. अब प्राइमरी कक्षाओं के छात्रों के लिए प्रतिदिन अधिकतम 30 मिनट और अपर प्राइमरी कक्षाओं के लिए 60 मिनट तक ही स्क्रीन का उपयोग किया जा सकेगा. यह फैसला अभिभावकों की शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें कहा गया था कि कई स्कूलों में बच्चे रोजाना 4 से 5 घंटे तक डिजिटल बोर्ड के सामने पढ़ाई कर रहे हैं.
अभिभावक संगठनों की शिकायतों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने यह कदम उठाया है. प्रशासन का कहना है कि स्मार्ट और डिजिटल बोर्ड पढ़ाई को प्रभावी बनाने का एक पूरक माध्यम हैं, लेकिन उनका लगातार और अनावश्यक उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य, पढ़ाई और शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
क्यों लागू किए गए नए नियम?
प्रशासन के अनुसार, कई स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड पर लगातार पाठ्यपुस्तकें दिखाने, क्लासवर्क, प्रश्न-उत्तर और होमवर्क कराने जैसी गतिविधियां कराई जा रही थीं. इससे बच्चों में आंखों पर दबाव, सिरदर्द, निकट दृष्टि दोष (मायोपिया), ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और अन्य शारीरिक व व्यवहार संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा था.
स्कूलों के लिए नई स्क्रीन टाइम गाइडलाइन
नई गाइडलाइन के तहत स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि:
प्राइमरी कक्षाओं में स्क्रीन टाइम 30 मिनट प्रतिदिन से अधिक न हो.
अपर प्राइमरी कक्षाओं में स्क्रीन टाइम 60 मिनट प्रतिदिन तक सीमित रखा जाए.
स्मार्ट बोर्ड का उपयोग केवल कठिन विषयों को समझाने, चित्र, वीडियो और आवश्यक शिक्षण सामग्री दिखाने के लिए किया जाए.
लिखने, अभ्यास, प्रश्न-उत्तर और अन्य गतिविधियों के लिए ब्लैकबोर्ड, व्हाइटबोर्ड या ग्रीनबोर्ड का नियमित इस्तेमाल किया जाए.
हर 20 मिनट बाद देना होगा ब्रेक
प्रशासन ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि स्क्रीन का ब्राइटनेस स्तर और कक्षा की रोशनी उचित रखी जाए. छात्रों और स्क्रीन के बीच पर्याप्त दूरी सुनिश्चित की जाए तथा हर 20 मिनट की स्क्रीन गतिविधि के बाद ब्रेक दिया जाए.
ऑनलाइन कक्षाओं के लिए NCERT की गाइडलाइन और 20-20-20 नियम अपनाने को कहा गया है. इसके तहत हर 20 मिनट बाद छात्रों को कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखने की सलाह दी गई है.
डिजिटल-फ्री पीरियड और नियमित आई चेकअप
स्कूलों को गतिविधि आधारित शिक्षा, खेल, समूह गतिविधियों, पढ़ने-लिखने और शारीरिक व्यायाम को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा:
हर तीन महीने में छात्रों की आंखों की जांच कराई जाएगी.
रिपोर्ट अभिभावकों के साथ साझा की जाएगी.
स्कूलों को डिजिटल-फ्री पीरियड, डिजिटल जीरो डे और डिजिटल डिटॉक्स जैसी गतिविधियां शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है.
यदि किसी छात्र में आंखों में जलन, धुंधला दिखना या सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो स्कूलों को तुरंत अभिभावकों को सूचित कर चिकित्सकीय सलाह लेने के निर्देश दिए गए हैं.
अधिकारी करेंगे निगरानी
यह आदेश गौतम बुद्ध नगर जिले के सभी सरकारी, एडेड और निजी स्कूलों पर लागू होगा. जिला प्रशासन ने नामित मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारियों को स्कूलों में इन नियमों के पालन की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है. सभी रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के माध्यम से प्रशासन को भेजी जाएंगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 14, 2026 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

