Chhaya Purab Died After NH-48 Traffic Jam: ट्रैफिक जाम ने ले ली जान! नेशनल हाईवे-48 पर 4 घंटे तक फंसी रही एंबुलेंस, छाया पूरब की दर्दनाक मौत
अस्पताल पहुंचने से पहले ही छाया पूरब ने दम तोड़ दिया मृत व्यक्ति की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

Chhaya Purab Died After NH-48 Traffic Jam: यह कहानी एक ऐसी महिला की है जिसकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन सड़क पर लगे जाम ने उसकी जान ले ली. पालघर की रहने वाली 49 साल की छाया पूरब की एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई. यह मौत किसी बीमारी से नहीं, बल्कि मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे (NH-48) - (Mumbai-Ahmedabad National Highway) पर लगे 4 घंटे के लंबे जाम की वजह से हुई. डॉक्टरों का कहना है कि अगर वो सिर्फ 30 मिनट पहले भी अस्पताल पहुंच जातीं, तो आज वो हमारे बीच होतीं.

क्या हुआ था उस दिन?

यह घटना 31 जुलाई की है. छाया पूरब, जो साफाले के मधुकर नगर में रहती थीं, सड़क की सफाई के काम की निगरानी कर रही थीं. तभी अचानक एक पेड़ उन पर आ गिरा. इस हादसे में उन्हें बहुत गंभीर चोटें आईं.

अस्पताल ले जाने का संघर्ष

पालघर में कोई बड़ा ट्रॉमा सेंटर नहीं है, इसलिए घायल छाया को तुरंत मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया. उन्हें एम्बुलेंस में मुंबई के लिए रवाना किया गया, लेकिन उनकी किस्मत ने साथ नहीं दिया. मनोर से लेकर मीरा रोड तक, हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी थीं. उनकी एम्बुलेंस इस भयानक ट्रैफिक जाम में बुरी तरह फंस गई. एक-एक मिनट कीमती था, लेकिन एम्बुलेंस इंच-इंच कर आगे बढ़ रही थी.

जाम में ही बिगड़ी हालत

जाम में फंसे रहने के दौरान, एनेस्थीसिया का असर खत्म होने लगा और छाया की हालत तेजी से बिगड़ने लगी. चार घंटे की लंबी जद्दोजहद के बाद, जब एम्बुलेंस जाम से निकली, तो उन्हें पास के मीरा रोड के ऑर्बिट अस्पताल ले जाया गया. लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया.

सड़क की लापरवाही ने ली जान

यह दुखद घटना NH-48 की बदहाली और लंबे समय से हो रही अनदेखी को साफ तौर पर दिखाती है. यह कोई पहली बार नहीं है जब इस हाईवे पर लंबे जाम की वजह से किसी को परेशानी हुई हो. इस बार, इस लापरवाही की कीमत एक इंसान को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. एक महिला की जान चली गई, क्योंकि जिस सड़क पर उसे ज़िंदगी बचाने के लिए ले जाया जा रहा था, वही सड़क उसकी मौत का कारण बन गई.