इंसानियत शर्मसार! नवजात बच्चे के शव को मुंह में लेकर घूमता रहा कुत्ता, इंदौर अस्पताल की बड़ी लापरवाही
इंदौर के पास महू सिविल अस्पताल में एक आवारा कुत्ते को नवजात शिशु के शव को मुंह में दबाए हुए पकड़ा गया. शुरुआती जांच में एक 17 वर्षीय किशोरी पर शौचालय में बच्चे को जन्म देकर छोड़ने का संदेह है. इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है.
मध्य प्रदेश के इंदौर में महू सिविल अस्पताल से एक बहुत ही दुखद और परेशान करने वाली खबर सामने आई है. शनिवार, 7 जून की सुबह-सुबह अस्पताल के एक सुरक्षाकर्मी ने जो देखा, उससे सबके होश उड़ गए. उसने एक आवारा कुत्ते को अपने मुंह में एक नवजात शिशु का शव दबाए हुए देखा. यह कुत्ता अस्पताल के शौचालय के पास घूम रहा था.
क्या है पूरा मामला?
यह घटना शनिवार तड़के की है. अस्पताल के एक गार्ड ने जब कुत्ते को नवजात के शव के साथ देखा, तो उसने तुरंत दौड़कर कुत्ते को भगाया और बच्चे के शव को उससे छुड़ाया. यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
अस्पताल ने बताई चौंकाने वाली बात
अस्पताल के इंचार्ज डॉ. एच. आर. वर्मा ने बताया कि यह मामला रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच का हो सकता है. सीसीटीवी फुटेज में एक 17 साल की लड़की शौचालय की तरफ जाती हुई दिखी थी. यह वही लड़की थी जो शुक्रवार रात पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल में भर्ती हुई थी. डॉक्टरों को शक है कि इसी लड़की ने अस्पताल के टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया और फिर उसे वहीं छोड़कर किसी अनजान लड़के के साथ भाग गई. शुरूआती जांच में लगता है कि बच्चे का जन्म समय से पहले (प्रीमैच्योर डिलीवरी) हुआ था.
अस्पताल में कैसे घुसा कुत्ता?
डॉक्टर वर्मा ने यह भी माना कि अस्पताल के तीन गेट रात में खुले रहते हैं. इनमें से एक गेट स्टोर रूम के पास है, जहां से अक्सर आवारा कुत्ते अस्पताल के अंदर आ जाते हैं. ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म के बाद शौचालय में ही छोड़ दिया गया था, जहां से एक कुत्ता उसे उठाकर ले गया. दुख की बात यह है कि पोस्टमार्टम से पहले ही कुत्ते ने शिशु के शव को कुछ हद तक नुकसान पहुंचा दिया था.
पुलिस कर रही है जांच
महू पुलिस थाने के इंचार्ज राहुल शर्मा ने कहा है कि उन्होंने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है.
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है. कुछ ही दिन पहले मंदसौर जिले में भी आवारा कुत्तों के झुंड ने एक चार साल के बच्चे की जान ले ली थी. इन घटनाओं से सरकारी अस्पतालों और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. आखिर अस्पतालों जैसी जगहों पर इस तरह की लापरवाही कैसे हो सकती है?
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 08, 2025 09:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

